जेल में बंद युवक की मौत, परिजनों का पुलिस पर मारपीट का आरोप
छिंदवाड़ा
16-Jun-25
आबकारी एक्ट अंतर्गत जेल में बंद एक युवक की मौत के बाद परिजनों का हंगामा
छिंदवाड़ा
सोमवार को जिला जेल में एक व्यक्ति की हिरासत के दौरान मौत के बाद उसके परिजनों में हड़कंप मच गया। मृतक की पत्नी ने पुलिस पर गिरफ्तारी के बाद पिटाई के आरोप लगाए है तो वहीं जिला जेल के अधिकारी इस बात से अनभिज्ञता जता रहे हैं।
पांढुर्णा तहसील के तिगांव में रहने वाले 48 वर्षीय भावराव उइके को पुलिस ने 3 जून को आबकारी एक्ट में गिरफ्तार किया था। तब से वह जिला जेल में बंद था। इस बीच उसकी पत्नी उससे मिलने जिला जेल भी पहुंची थी जहां उसके पति ने उसे बताया था कि पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की है। उसके सीने में पिटाई के निशान भी थे साथ ही कपड़े भी फटे हुए थे। इधर 16 जून को भावराव के परिवार को सुबह 9 बजे जेल प्रशासन की तरफ से फोन पर अवगत कराया गयाकि भावराव को अटैक आया है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस बीच कुछ ही देर में भावराव की मृत्यु हो जाती है। खबर सुनकर भावराव के परिवार में हड़कंप मच जाता है। गौरतलब है कि भावराव पर पहले कभी किसी भी तरह का कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
झूठा केस बनाकर फंसाने का आरोप
भावराव के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि आबकारी विभाग के साथ मिलकर उसे झूठे केस में फंसाया गया है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर हिरासत में मारपीट की वजह से मौत हुई है तो दोषियों पर हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए। ध्यान रहे भावराव के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं जिनमें 18 साल व 13 साल के दो बेटे और 16 साल की एक बेटी भी शामिल है।
इधर जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने बताया कि आरोपी को 4 जून को जेल लाया गया था। सोमवार सुबह जब लॉकअप खोला गया तो वह बैचेन नजर आ रहा था उसे पसीना आ रहा था, इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई।