पी.एम. श्री पीजी कॉलेज में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर लगी कार्यशाला
छिंदवाड़ा
25-Oct-26
छिंदवाड़ा अपडेट

पी.एम. श्री शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिंदवाड़ा में रविवार को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के माध्यम से संचालित समाजसेवा (बी.एस.डब्ल्यू. और एम.एस.डब्ल्यू.) के विद्यार्थियों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पॉलीथीन के विकल्प के रूप में जूट या कपड़े के थैलों का उपयोग करने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-अभियान है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आप समाजसेवा की पढ़ाई कर रहे हैं, जिसका अर्थ है कि आप केवल नौकरी के लिए नहीं बल्कि समाज के उत्थान के लिए अध्ययनरत हैं। जब तक युवा वर्ग गांवों में जाकर लोगों को जागरूक नहीं करेगा, तब तक वास्तविक बदलाव आना संभव नहीं है।
परामर्शदाता विनोद तिवारी ने बताया कि भारत में हर व्यक्ति औसतन साल में 150 किलो कचरा पैदा करता है, जबकि छिंदवाड़ा जिला प्रतिदिन लगभग 120 टन कचरा उत्पन्न करता है। इस कचरे में 70 प्रतिशत गीला कचरा शामिल है, जिससे महज 45 दिनों में बेहतरीन खाद तैयार की जा सकती है। परामर्शदाता लता नागले ने कहा कि महिलाओं के बिना कोई भी स्वच्छता अभियान अधूरा है, क्योंकि घर की असली प्रबंधनकर्ता महिलाएं ही होती हैं। आज कई गांवों में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बेकार वस्तुओं और पुराने कपड़ों से उपयोगी सामग्री जैसे पेपर बैग, गमले और पायदान बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। कार्यशाला में श्रीमती तृप्ति सिंह और एस. राव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में परामर्शदाता आशीष साहू ने सभी वक्ताओं, अतिथियों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।