अमरवाड़ा के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित मिले शिक्षक
शिक्षा
02-Nov-26
कम छात्र उपस्थिति और शिक्षकों की अनुपस्थिति पर सख्ती
अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी
जेईई-नीट कक्षाओं के नियमित संचालन एवं शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के निर्देश

छिन्दवाडा अपडेट
जिले में शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आगामी अर्धवार्षिक परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से सहायक संचालक शिक्षा डी.पी. डेहरिया एवं आईटी सेल समन्वयक राजेश कपाले द्वारा आज विकासखंड अमरवाड़ा के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई, वहीं कुछ विद्यालयों में शिक्षक भी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। अधिकारियों ने शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षाओं के नियमित संचालन, साफ-सफाई एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हीर्री में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। विद्यालय के शौचालयों में गंदगी के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम मिली। इसके अलावा जेईई की तैयारी के लिए संचालित की जाने वाली कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं होना सामने आया। इस पर अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने तथा जेईई-नीट की कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लहगडुआ के निरीक्षण में प्राथमिक शिक्षक नारायण बेलवंशी एवं श्रेणी वर्ग-1 के शिक्षक संदीप केवरेती अनुपस्थित पाए गए। विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम मिली। इस पर अनुपस्थित शिक्षकों को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने विद्यालय में नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनपुर जागीर में निरीक्षण के दौरान विद्यालय का संचालन नियमित रूप से होता पाया गया। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घोघरी में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम मिलने पर विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक डी.पी. डेहरिया ने शिक्षकों को आगामी अर्धवार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की विशेष तैयारी कराने, कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त ध्यान देने, निर्धारित समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूर्ण कराने तथा नियमित अभ्यास एवं पुनरावृत्ति कराने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समर्पित अध्यापन और विद्यार्थियों की सतत निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शैक्षणिक अनुशासन, स्वच्छता, शिक्षकों की उपस्थिति एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण का उद्देश्य कमियों की पहचान कर व्यवस्थाओं में सुधार लाना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। सभी विद्यालयों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले के शासकीय विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर बेहतर हो और आगामी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकें।