Home News Helpline Classified Jobs About Contact

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए छात्र-छात्राओं को किया जागरूक
छिंदवाड़ा
10-Aug-26
खुटिया-झांझरिया हाईस्कूल में जागरूकता कार्यक्रम

भ्रूण लिंग जांच और कन्या भू्रण हत्या के खिलाफ दी जानकारी



छिंदवाड़ा

समाज में आज भी बेटियों की अपेक्षा बेटों को प्राथमिकता दिए जाने की मानसिकता कई परिवारों में देखने को मिलती है। गर्भ में भू्रण के लिंग की जांच कर बेटी होने पर भू्रण हत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छिंदवाड़ा विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल खुटिया-झांझरिया में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बेटियों के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश कुमार शिवहरे के निर्देशन एवं परियोजना अधिकारी श्याम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य प्रवीण डबली एवं समाजसेवी मनोज ठाकुर की उपस्थिति रही।

भू्रण लिंग जांच रोकने की दी जानकारी

कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर श्यामल राव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को बचाने के लिए समाज की सोच में बदलाव जरूरी है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला के भू्रण की लिंग जांच कर बेटी होने पर भू्रण हत्या करना कानूनन अपराध है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी बेटियों के प्रति समान व्यवहार के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को घरेलू हिंसा सहित विभिन्न परिस्थितियों में शासन की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जाती है। महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

लिंगानुपात में सुधार के लिए युवाओं की भूमिका अहम

कार्यक्रम में बताया गया कि जिले में बेटियों के लिंगानुपात में सुधार के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। छात्र-छात्राओं को जागरूक कर उन्हें स्वयंसेवक के रूप में सशक्त करने का उद्देश्य यह है कि वे बेटियों के प्रति होने वाले भेदभाव को दूर करने में अपनी भूमिका निभा सकें। छात्रों को विवाह के बाद महिलाओं के जीवन एवं अधिकारों के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रत्येक महिला को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने अधिकारों का उपयोग करने का अधिकार है। साथ ही जन्म लेने वाली बेटी को भी सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना परिवार और समाज की जिम्मेदारी है।

लाडली लक्ष्मी योजना से बेटियों को मिल रहा संबल

कार्यक्रम में लाडली लक्ष्मी योजना सहित शासन द्वारा बेटियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को परिवार पर बोझ समझने की मानसिकता को समाप्त करना तथा उन्हें शिक्षा और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

प्राचार्य प्रवीण डबली ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक माता-पिता को बेटी के जन्म पर खुशी मनानी चाहिए। बेटियों के पालन-पोषण में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास के समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटी जगत जननी है, इसलिए उसकी सुरक्षा और सम्मान के लिए समाज को विशेष पहल करनी होगी।

इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील यादव, राजकुमार पाटिल, रश्मि सोनी, धनराज सातनकर, रायवती उईके, अनीता वर्मा, श्रीराम पाल, नंदेश्वर वर्मा सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के सामाजिक कार्यकर्ता शैलेंद्र शुक्ला का सराहनीय सहयोग रहा।
Share News On