भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार की आग में झुलस गए नवजात: कांग्रेस
राजनीति
22-Aug-26
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने जिला अस्पताल की घटना पर जताया आक्रोश

छिन्दवाड़ा
जिला मुख्यालय पर कहने को जिला अस्पताल है, लेकिन यह रैफर सेन्टर और अव्यवस्था का मुख्य केन्द्र बन चुका है। मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध है, लेकिन मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल तक की तमाम सुविधाओं और व्यवस्थाओं को भाजपा की सरकार ने तबाह कर दिया। सत्ता में आते ही पहले मेडिकल कॉलेज का स्वरूप बदला अब जिला अस्पताल को बर्बाद कर दिया। जिम्मेदार जमीन नाप रहे और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीन खिसकती जा रही। ये वही जिला है, जहां मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ जी के कार्यकाल में ठाट पर रहने वाली स्वास्थ्य सेवाएं आज खाट पर और अब आग तक पहुंच चुकी है। जनता उन लोगों को भी देख रही है जिन्होंने आपका बेटा, आपका भाई कहकर छला है। उक्त उदगार शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग से झुलसे तीन नवजात बच्चे में से एक की मौत पर आक्रोश जाहिर करते हुए व्यक्त किए।
सांसद तामिया में नृत्य कर रहे और अस्पताल में नवजात बच्चे आग में झुलस रहे
सांसद तामिया में नृत्य कर रहे और नवजात बच्चे आग में झुलस रहे। यह नजारा भाजपा सरकार है, जो सत्ता के मद में चूर है। अत्याधुनिक मशीनों का अभाव, स्टॉफ और संसाधनों की कमी के चलते जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार गर्त में पहुंच रही है। भाजपा सरकार की नाकामी और घोर उदासीनता के कारण तीन नवजात बच्चे आग में बुरी तरह झुलस गए। इनमें से एक नवजात बच्चे की जबलपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह मौत हादसा नहीं बल्कि भाजपा सरकार की भ्रष्ट और निकृष्टता की वजह से हुई हत्या है। अभी चंद दिनों की ही तो बात है मप्र के मुख्यमंत्री श्री डॉ. मोहन यादव अपनी नाकामी और गलत नीतियों का ठीकरा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के माथे पर फोड़कर गए थे।
इन बदत्तर हालातों के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार
जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई एनआईसीयू में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लगभग 02 बजे वार्मर मशीन में आग लग गई। वार्मर मशीन में तीन नवजात बच्चों को जन्म के उपरांत शारीरिक तापमान संतुलित करने के लिए रखा गया था। इसके बाद मशीन में आग लग गई जिससे तीनों नवजात बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें जबलपुर रैफर किया गया। बताया जा रहा है कि इनमें से एक नवजात की मौत हो चुकी है। इस सम्पूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए तभी ऐसी हृदय विदारक घटनाओं को दोहराव रोका जा सकता है।