जहां मिलनी थी जिंदगी वहीं मिली नवजात शिशु को मौत
छिंदवाड़ा
22-Aug-26
नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष की वॉर्मर मशीन में लगी आग
तीन नवजात झुलसे, जबलपुर में इलाज के दौरान एक की मौत

छिंदवाड़ा
जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। नवजातों को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही वॉर्मर मशीन में अचानक स्पार्किंग के बाद आग लग गई। देखते ही देखते आग वॉर्मर के नीचे रखी डोली तक पहुंच गई, जिसमें तीन नवजात बच्चे मौजूद थे। हादसे में तीनों झुलस गए। अस्पताल में तत्काल उपचार के बाद सभी को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान एक नवजात की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों का उपचार जारी है।
रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ हादसा
बताया गया कि घटना शुक्रवार रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। उस समय में नवजात बच्चों को वॉर्मर मशीन के जरिए गर्म रखा जा रहा था। इसी दौरान मशीन में अचानक स्पार्किंग हुई और आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही समय में आग वॉर्मर के आसपास रखे कपड़ों और प्लास्टिक सामग्री तक पहुंच गई। सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे के अनुसार, वॉर्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में अचानक स्पार्किंग होने की बात सामने आई है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है।
एक ही डोली में थे तीनों नवजात
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आग एक प्लग में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। इसके बाद आग उस डोली तक पहुंची, जिसमें तीनों नवजात रखे गए थे। डोली में लगे प्लास्टिक और कपड़ों ने आग पकड़ ली, जिससे बच्चे उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्काल आग पर काबू पाने के साथ बच्चों को बाहर निकाला। तीनों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। हादसे के बाद अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
6 से 12 दिन के थे बच्चे
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, झुलसे तीनों नवजातों की उम्र करीब 6 से 12 दिन के बीच थी। हादसे में बच्चों के शरीर के कितने हिस्से पर जलने की चोट आई है, इसकी स्थिति तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी थी। एक बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही थी और उसे सर्जरी की जरूरत पड़ने की आशंका जताई गई थी।
सुबह 5 बजे जबलपुर भेजा
बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया। सुबह करीब 5 बजे तीनों नवजातों को जबलपुर रवाना किया गया। अस्पताल से बच्चों को दो डॉक्टरों की निगरानी में भेजा गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए जबलपुर रेफर किया गया।
इलाज के दौरान एक बच्चे ने तोड़ा दम
जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद तीनों नवजातों का उपचार शुरू किया गया। उपचार के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। दो अन्य बच्चों का डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। हादसे की सूचना के बाद बच्चों के परिजनों में भी चिंता और शोक का माहौल है।
अब जांच में सामने आएगी लापरवाही या तकनीकी खामी
घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट और वॉर्मर की हीटिंग यूनिट में स्पार्किंग को आग लगने की वजह माना जा रहा है। जांच में वॉर्मर मशीन की तकनीकी स्थिति, विद्युत कनेक्शन, प्लग और वायरिंग के साथ-साथ उस समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की जाएगी। हादसे की पूरी तस्वीर तकनीकी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।