राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज महोत्सव में शामिल हुए सांसद
छिंदवाड़ा
31-Oct-26
सांसद ने गुरुदेव सेवा मंडल सभागृह के लिए 30 लाख रुपए देने की घोषणा की

छिन्दवाड़ा अपडेट
पांढुरना नगर में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री गुरुदेव सेवा मंडल में मानवता का दीप गांव-गांव, घर-घर जगाने वाले मानवता के पुजारी विश्वरत्न वंदनीय राष्ट्रसंत श्री तुकडोजी महाराज जी का 58 वां पुण्य स्मरण महोत्सव का दिव्य एवं भव्यता से समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर छिंदवाड़ा व पांढुर्णा जिले के सांसद बंटी विवेक साहू विशेष रूप से उपस्थिति रहे।
इस अवसर पर सांसद बंटी विवेक साहू के द्वारा इस महोत्सव में विशाल जन समुदाय को वंदनीय राष्ट्रसंत श्री तुकडोजी महाराज के वचन एवं उनके उनके जीवन चरित्र को बताया गया तथा उनके राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति एवं मानवता को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए कहा गया। सांसद बंटी विवेक साहू ने श्री गुरुदेव सेवा मंडल के प्रथम तल के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए राशि देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित मुख्य अतिथि सांसद बंटी विवेक साहू, पूर्व मंत्री नानाभाऊ मोहोड, नगर पालिका अध्यक्ष संदीपभाऊ घाटोडे, अशोक मानापुरे, उज्जवल सिंह ठाकुर, बंटी छंगाणी, भूषण केवटे, रामेश्वर खोडे, एड.विजय केवटे, विष्णु लेंडे, महेंद्र घोड़े, सांसद प्रतिनिधि रोहित पोफली, अलकेश लांबा, विश्वेन्द्र बैस सहित अन्य अतिथियों का गुरुदेव सेवा मंडल के अध्यक्ष सुभाष केवटे, उपाध्यक्ष प्रशांत गायधने के द्वारा श्रीफल पुष्पमाला पहनकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सुबह 11 बजे से गोपाल काला कीर्तन ह. भ. प. श्री भीमराव महाराज कोठे के द्वारा भगवान परमात्मा बालकृष्ण जी के चरित्र का व्याख्यान किया गया। इस कार्यक्रम में मार्गदर्शक आशीर्वाद स्वरुप संत महंत ब्राह्मचौतन्य विभूदत्त महाराज, वीर रूद्रमुणी शिवाचार्य महाराज, रामाश्रयी प्रवीण जी पालीवाल, पंडित नंद किशोर जोशी, ह. भ. प. श्री शंकरराव घाटोडे महाराज के द्वारा आशीर्वाद दिया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन विजय घुघुसकर के द्वारा किया गया तथा इस कार्यक्रम में धनराज वंजारी, सुधाकर कोरडे, दिलीप केवटे, कैलाश बालपांडे, खेमराज तितरे, योगेश खोडे, यादव मस्के, गणेश रेवतकर, दादा बोडखे, मंडल के सभी सदस्यों की उपस्थिति रही। आयोजन के माध्यम से राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों, मानवता के संदेश और सामाजिक समरसता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्मिक चिंतन और राष्ट्रसंत के विचारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।