सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा शासकीय सेवकों पर फोड़ रही: ओकटे
राजनीति
08-Aug-26
नीतियों की विफलताओं का दोष कर्मचारियों पर क्यों थोपना

छिन्दवाड़ा
सरकारी सिस्टम को चुस्त और दुरूस्त करने के लिए नीतियां अच्छी और जनहितैषी होनी चाहिए। जनता की सुनवाई समय पर और समस्याओं का समाधान त्वरित होना चाहिए, यह संभव तब होता है, जब सरकार की नीतियां पारदर्शी व जनसरोकार से जुड़ी हुई हो। अपनी नाकामी और विफलताओं का ठीकरा शासकीय सेवकों पर फोड़ना उचित नहीं है। उक्त उदगार जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने जिले में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारी को निलम्बन किए जाने पर व्यक्त किए।
श्री ओकटे ने जारी बयान में आगे कहा कि अधिकारी और कर्मचारी तो शीर्ष नेतृत्व का अनुकरण करते हैं या फिर आदेशों का पालन करते हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी को निलम्बित करने मात्र से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं होता यह बात समझने वाली है, इसके बीमार नीतियों से छुटकारा नितांत आवश्यक है, ठीक इसी तरह राजस्व और अन्य विभाग में भी सुधार की नितांत आवश्यकता है। सुधार व्यापक स्तर पर होना चाहिए, तभी अच्छे परिणामों की अपेक्षा की जा सकती है।
मुख्यमंत्री जी आए तो आशा थी कि कुछ अच्छा देकर जाएंगे, विकास की सौगात देंगे या फिर कमलनाथ जी के कार्यकाल की जनहितैषी योजनाओं को पूर्ण आकार देने के लिए बजट देने का वादा करेंगे, किन्तु उन्होंने दो अधिकारी और एक कर्मचारी को निलम्बित कर सरकार की नाकामियों का ठीकरा तीन शासकीय सेवकों पर फोड़ दिया जिसकी जरा भी उम्मीद नहीं थी। मुख्यमंत्री जी अपनी जवाबदेही से इस तरह छुटकारा नहीं पा सकते।