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डेब्यू फिल्म ‘बंगाल 1947’ के लिए विक्रम टीडिआर को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

डेब्यू फिल्म ‘बंगाल 1947’ के लिए विक्रम टीडिआर को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
विदेश
08-Aug-26

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड विक्रम टीडीआर को 

निर्देशक आकाशादित्य लामा को बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान

छिंदवाड़ा के गांव पटपड़ा से न्यूयॉर्क तक

छिंदवाड़ा

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के छोटे से गांव पड़ा से निकलकर अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता विक्रम टीडिआर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी डेब्यू फिल्म ‘बंगाल 1947’ को न्यूयॉर्क में आयोजित इंडी फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड्स (IFFA) में महत्वपूर्ण सम्मान हासिल हुए हैं। फिल्म में ‘खोगेन मंडल’ की भूमिका निभाने वाले विक्रम टीडिआर को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, वहीं फिल्म के निर्देशक आकाशादित्य लामा को बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिला।

‘बंगाल 1947’ को IFFA में बेस्ट फिल्म सहित कई प्रमुख श्रेणियों में नामांकन मिला। फिल्म की अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग क्वाड सिनेमा, न्यूयॉर्क में हुई, जहां फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

डेब्यू फिल्म से अंतरराष्ट्रीय सम्मान तक

विक्रम टीडिआर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि ‘बंगाल 1947’ उनके फिल्मी करियर की डेब्यू फिल्म है। छिंदवाड़ा के एक छोटे से गांव पड़ा से शुरू हुआ उनका सफर थिएटर से होते हुए सिनेमा और अब अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह तक पहुंचा है।

विक्रम ने अपनी उपलब्धि पर कहा, “यह अवॉर्ड मेरे लिए सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि मेरे सफर और संघर्ष की पहचान है। एक छोटे से गांव से निकलकर अपनी पहली ही फिल्म के लिए न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल करना मेरे लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। मैं अपने निर्देशक आकाशादित्य लामा, पूरी फिल्म टीम, अपने परिवार और उन सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया।”

अब ‘दुल्हनिया ले आएगी’ में भी नजर आ रहे हैं विक्रम

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘बंगाल 1947’ के लिए सम्मान हासिल करने के साथ ही विक्रम टीडिआर इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ को लेकर भी चर्चा में हैं। फिल्म में उन्होंने अभिनय किया है और यह फिल्म पैन इंडिया स्तर पर सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और वर्तमान में थिएटरों में प्रदर्शित हो रही है।

‘दुल्हनिया ले आएगी’ में विक्रम ने कॉमेडी जॉनर में एक अलग तरह का किरदार निभाया है, जो उनके अब तक के काम से काफी अलग माना जा रहा है। थिएटर और गंभीर भूमिकाओं के बाद कॉमेडी में उनका यह नया अंदाज दर्शकों के लिए भी एक अलग अनुभव है।

इस तरह विक्रम टीडिआर के करियर के लिए यह दौर खास बन गया है—एक ओर उनकी डेब्यू फिल्म ‘बंगाल 1947’ को न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी नई फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ पैन इंडिया सिनेमाघरों में दर्शकों तक पहुंच रही है।

पटपड़ा जैसे छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान हासिल करना और फिर पैन इंडिया रिलीज फिल्मों का हिस्सा बनना विक्रम टीडिआर के संघर्ष, मेहनत और लगातार आगे बढ़ते फिल्मी सफर की कहानी है।
विक्रम टीडिआर ने अपने निर्देशक आकाशादित्य लामा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आकाशादित्य लामा सर ने मुझ पर विश्वास किया और मुझे ‘खोगेन मंडल’ जैसा किरदार निभाने का अवसर दिया। उनके निर्देशन में काम करना मेरे लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिलना मेरे लिए और पूरी टीम के लिए बेहद गर्व का क्षण है। मेरी पहली फिल्म और मेरे पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मान के पीछे उनका विश्वास मेरे लिए हमेशा खास रहेगा।”

इस तरह ‘बंगाल 1947’ की टीम के लिए IFFA का यह सफर बेहद यादगार रहा—फिल्म को महत्वपूर्ण नामांकन, आकाशादित्य लामा को Best Director और विक्रम टीडिआर को Best Supporting Actor का सम्मान मिला।
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