गेहूं बेचने से वंचित किसानों को भावान्तर की राशि दी जाये: पुष्पेन्द्र सिंह
छिंदवाड़ा
05-May-26
विभिन्न कारणों से हजारों किसानों का नहीं हो पाया है पंजीयन
छिन्दवाड़ा
जिले के किसान उर्पाजन केन्द्रों पर अपना गेहूं बेचने से वंचित रह जायेंगे। किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह ने जारी बयान में कहा कि जिले में लाखों किसान है। जिनमें से लगभग 29 हजार किसानों का गेहूं उर्पाजन विक्रय के लिए पंजीयन हो पाया। शासन की लापरवाही और विभिन्न समस्याओं के कारण लाखों किसान पंजीयन से वंचित हो गये है, इसी प्रकार अनेकों किसानों के खेतों में फसल सेटेलाईट से दिखाई नहीं देने के कारण उन्हें पंजीयन होने के बाद भी असत्यापित कर दिया गया, इससे भी किसान अपनी उपज उर्पाजन केन्द्रों पर नहीं बेच पा रहे है। उक्त उदगार किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह ने मीडिया को दिए वक्तव्य में व्यक्त किए।
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को उनके परिवार में विवाह समारोह, ऋण जमा करने, स्कूली बच्चों की फीस इत्यादि आवश्यक कार्यों के लिए उपज मंड़ियों में 2 हजार से 22 सौ रुपए प्रति क्विंटल बेचने पर मजबूर होना पड़ा। ऐसी स्थिति में किसानों को 5 सौ से लेकर 7 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। जिसकी भरपाई शासन को करना चाहिए। जिला किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर ऐसे सभी किसानों को जो उर्पाजन केन्द्रों पर गेहूं बेचने से वंचित हो गये है, और कृषि उपज मंडियों में कम दाम पर गेहूं बेचा है, उन सभी किसानों को 5 सौ रुपए प्रति क्विटल भावान्तर की राशि दी जाए।