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मोदी-मोहन गाथा तक सीमित रहने वाले कांग्रेस को इतिहास ना पढ़ाए: कांग्रेस

मोदी-मोहन गाथा तक सीमित रहने वाले कांग्रेस को इतिहास ना पढ़ाए:  कांग्रेस
राजनीति
13-Aug-26
छिन्दवाड़ा

भारत की आजादी का मुख्य श्रेय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ही जाता है, क्योंकि कांग्रेस ने दशकों तक देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व किया। जनता को एकजुट कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ मुख्य राजनीतिक मंच के रूप में काम किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसम्बर 1885 को हुई थी, तब से आज तक देशहित में खड़ी कांग्रेस ने कभी किसी बलिदानी का अपमान नहीं किया। सन् 1920 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आने के बाद कांग्रेस एक जन-आंदोलन बन गई। सन् 1929 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने अंग्रेजों से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग का प्रस्ताव पास किया। उक्त उदगार कांग्रेस के जिला प्रवक्ता नितिन उपाध्याय ने भाजपा जिला अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए व्यक्त किए।

विभाजन के दर्द को कांग्रेस नहीं भूली, क्योंकि तब कांग्रेस ही थी

देश में हुए विभाजन के दर्द को कांग्रेस कभी नहीं भूल सकती, कांग्रेस ने कभी नहीं चाहा था कि देश का विभाजन हो, लेकिन उस दौरान द्विराष्ट्र सिद्धांत, ब्रिटिश सरकार की फूट डालों और राज करो की नीति और मुस्लिम लीग की अलग पाकिस्तान की जिद के कारण देश का विभाजन हुआ। जिसका दर्द कांग्रेस ने भी सहा है, क्योंकि उस दौरान निर्मित हुई सम्पूर्ण चुनौतियों का सामना कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने किया था, तब भाजपा का जन्म नहीं हुआ था, इसीलिये विभाजन का दर्द भाजपा के लिए राजनीतिक बयान है, लेकिन कांग्रेस ने उस दर्द का सामना करते हुए देश को नई ऊंचाई दी है। जन-जन से जुटाई हुई राशि से लेकर चंदा और चढ़ावा चुराने वाले पहले अपना इतिहास पढ़ लें और पन्ने भी गिन लें, केवल राजनीतिक बयान देने से इतिहास नहीं बदलता यह बात भाजपा जिला अध्यक्ष को समझनी चाहिए।
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