Home News Helpline Classified Jobs About Contact

17 अगस्त के देशव्यापी आंदोलन की तैयारी, बीएमएस ने बनाई रणनीति

17 अगस्त के देशव्यापी आंदोलन की तैयारी, बीएमएस ने बनाई रणनीति
छिंदवाड़ा
13-Aug-26
ईपीएस-95 में न्यूनतम पेंशन 7500 रुपए करने समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन 

दोपहर 2 बजे जुटेंगे श्रमिक, रैली के बाद कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन

छिंदवाड़ा

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की जिला समिति की बैठक में आगामी 17 अगस्त के देशव्यापी आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की गई। रांची में हुई अखिल भारतीय कार्यसमिति की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत जिले में भी बीएमएस से संबद्ध सभी यूनियनों एवं श्रमिक संघों की भागीदारी से आंदोलन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता जिला समिति अध्यक्ष अर्जुन भारती ने की। प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश श्रीवास्तव सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।

2 बजे से जुटेंगे श्रमिक, 4.30 बजे निकलेगी रैली

आंदोलन के तहत 17 अगस्त को दोपहर 2 से 3 बजे तक जिला कार्यालय के समक्ष मैदान में श्रमिकों का एकत्रीकरण होगा। इसके बाद 3 से 4.30 बजे तक प्रमुख पदाधिकारी मांगों और आंदोलन के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। इस दौरान ज्ञापन का वाचन भी किया जाएगा। शाम 4.30 बजे रैली के रूप में महाराणा प्रताप चौक और अंबेडकर तिराहा होते हुए जिला कार्यालय पहुंचकर शाम 5 बजे ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश श्रीवास्तव ने आंदोलन की प्रस्ताविका रखी, जबकि प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह ने मांग पत्र के विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।

पेंशन, वेतन और बोनस बढ़ाने की मांग

बीएमएस की प्रमुख मांगों में ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7500 रुपए करने, वी.डी.ए. और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, ईएसआई की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए करने तथा ईपीएफ की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग शामिल है। संगठन ने बोनस की गणना सीमा बढ़ाने, पूरे वेतन पर बोनस घोषित करने, ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने तथा बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन का फॉर्मूला तय करने की मांग भी उठाई है।

स्कीम वर्कर्स और संविदा कर्मचारियों पर जोर

आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील, एनएचएम सहित अन्य स्कीम वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने और उन्हें श्रमिक का दर्जा देने की मांग की गई। सभी संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम-समान वेतन, वेतन चोरी के मामलों में ठेकेदारों एवं मैनपावर एजेंसियों पर कार्रवाई, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा सरकारी सेवाओं में रिक्त पद भरने की मांग भी रखी गई। बीएमएस ने जल्द भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की।

श्रम कोड में संशोधन की मांग

बैठक में बीएमएस ने आईआर कोड तथा ओएसएच एवं डब्ल्यूसी कोड के कुछ प्रावधानों को श्रमिक विरोधी बताते हुए इनमें संशोधन की मांग की। संगठन ने केंद्र सरकार से केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ वार्ता शुरू करने की अपील की। पदाधिकारियों ने कहा कि देश में एक करोड़ से अधिक स्कीम वर्कर्स के भविष्य को लेकर सरकार को नई नीति बनाने की जरूरत है। विशेष रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लंबे समय तक काम लेने के बावजूद उन्हें श्रमिक का दर्जा नहीं दिए जाने पर भी चिंता जताई गई।

पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

आंदोलन को सफल बनाने के लिए बैठक में जिले की विभिन्न श्रमिक यूनियनों से संभावित सदस्यों की संख्या की जानकारी ली गई और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक का संचालन जिला मंत्री अजय पाल ने किया। अंत में अध्यक्ष अर्जुन भारती ने आभार व्यक्त किया।
Share News On