लग्जरी वाहनों से आए थे जंगल में जुआ खेलने, पुलिस ने धरदबोचा
क्राइम
13-Aug-26
पुलिस की अलसुबह दबिश, 15 गिरफ्तार, एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
1.53 लाख रुपए नकद, 13 मोबाइल और 5 लग्जरी वाहन जब्त, करीब 60 लाख का मशरूका
छिंदवाड़ा/अमरवाड़ा
अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमरवाड़ा पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम बिछुआ के जंगल में अलसुबह पुलिस ने दबिश देकर जुआ खेल रहे 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से 1 लाख 53 हजार 230 रुपए नकद, 13 मोबाइल और पांच लग्जरी वाहन जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई गई है।
बैटरी की रोशनी में चल रहा था जुआ
पुलिस के अनुसार बीती रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बिछुआ के जंगल में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद थाना प्रभारी अमरवाड़ा राजेंद्र धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलसुबह करीब 5 बजे जंगल की घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखकर जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर बैटरी की रोशनी में जुआ खेल रहे 15 लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों के आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में रोहित उड़के निवासी धबई दाना, भोला वानखेड़े और संदीप वानखेड़े निवासी नीलकंठी खुर्द, राजकुमार लोधी निवासी धमना (नरसिंहपुर), नीलेश श्रीवास्तव निवासी कंदेली (नरसिंहपुर), सकिल मंसूरी और जीशान मंसूरी निवासी पालादोन, धनराज चौहान निवासी वांकामुकासा, आवेद मोहम्मद निवासी परासिया, श्याम चौधरी निवासी नागपुर नाका, मोहित विश्वकर्मा निवासी उभेगांव, मनमोहन उर्फ मोहन धुवें निवासी पौनारी, अमन शर्मा निवासी राजपाल चौक, राजा मालवी निवासी महुआ टोला तथा अजय उर्फ पप्पू साहू निवासी अमरवाड़ा शामिल हैं।
एक आरोपी फरार
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान कम्मू चौर निवासी सिंगोड़ी, थाना अमरवाड़ा मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जुआ एक्ट में प्रकरण दर्ज
पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई कर उन्हें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जंगल में जुए का यह फड़ कितने समय से संचालित हो रहा था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।