सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता से मेघासिवनी में रूका बाल विवाह
छिंदवाड़ा
15-Jan-26
छिंदवाड़ा
सामाजिक कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सजगता से समीपस्थत ग्राम मेघासिवनी में एक बाल विवाह रोके जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। विवाह करने वाले परिवारों को पॉक्सो एक्ट सहित बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानून की जानकारी देकर विवाह न करने के लिए राजी कर उन्हें शपथ दिलाई गई।

पर्यवेक्षक अनीता इवनाती ने बताया की ग्राम मेघासिवनी के ढाना में 18 जनवरी को एक नाबालिग लड़की का विवाह घोड़ाडोंगरी निवासी के साथ होने वाला था। इसकी गोपनीय सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता श्यामल राव और स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में बालिका के परिजनों एवं पड़ोसियों के साथ बैठकर बालविवाह प्रतिषेध अधिनियम और पाक्सो एक्ट की जानकारी देकर विवाह को रोकने सहमति बनाई और विवाह रोकने शपथ दिलाई। आयोजन उपरांत उपस्थित छात्र-छात्राओं ,को बाल विवाह रोकने शपथ दिलाई गई। आयोजन को सफल बनाने में प्राचार्य शीलचंद डेहरिया महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी उसरेठे, प्रेमलता सल्लाम, उर्मिला उसरेठे का सराहनीय सहयोग रहा ।
गांव में निकली बाल विवाह जागरूकता रैली

बाल विवाह प्रतिषेद अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह करना एवं करवाना कानूनन अपराध है । ऐसा करने वाले व्यक्ति पर दो लाख का जुर्माना एवं एक वर्ष की कठोर सजा का प्रावधान है । वही सामूहिक विवाह आयोजनों में अगर बाल विवाह की घटनाएं होती है तो आयोजकों के विरुद्ध भी सख्त कारवाई इस कानून के तहत सुनिश्चित की जाती है। बाल विवाह प्रतिषेध कानून भारत के सभी नागरिकों पर लागू है इसलिए कोई सम्प्रदाय विशेष इस कानून से परे होने का दावा कोई नही कर सकता है। मेघासिवनी के हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणाम पर जागरूकता कार्यक्रम में यह बात बताई गई।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता श्यामाल राव ने स्वयं सेवको को बताया की हर जिले में बाल विवाह प्रतिषेध कानून के तहत एक अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है जिसे बाल विवाह के मामले में पुलिस की तरह गिरफ्तारी तक के अधिकार प्रावधान है । बाल विवाह की सूचना के लिए टोल फ्री नम्बर 181,112, ओर1098 पर दे सकते,सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है।