कांग्रेस की खोई जमीन तलाशने का नया राजनीतिक प्रयोग: शेषराव यादव
छिंदवाड़ा
28-Apr-26
छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हालिया बयान पर भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यह पूरा प्रकरण कांग्रेस की खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने का नया प्रयोग है। जनता का भरोसा लगातार कम होने के बाद अब कांग्रेस को विकास भी वहीं याद आ रहा है, जहां उसे राजनीतिक संजीवनी मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
शेषराव यादव ने कहा कि कांग्रेस का चरित्र भी बड़ा विचित्र है। दिल्ली में कांग्रेस के नेता सुबह से शाम तक अदाणी का नाम लेकर लोकतंत्र खतरे में बता देते हैं, संसद में हंगामा करते हैं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योगपतियों के खिलाफ भाषण देते हैं, और जैसे ही अपने राजनीतिक भविष्य पर संकट दिखाई देता है तो वही अदाणी अचानक उन्हें जिले के विकास का सबसे बड़ा माध्यम नजर आने लगता है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अदाणी को पूरी कांग्रेस रोज़ कोसते-कोसते नहीं थकती। कांग्रेस को पहले यह तय कर लेना चाहिए कि अदाणी आखिर हैं क्या? देश के लिए खतरा, या फिर कांग्रेस के लिए अवसर?
न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भाजपा सरकार की गंभीर पहल
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि छिंदवाड़ा में पूर्व में प्रस्तावित अदाणी थर्मल पावर प्लांट के स्थान पर अब न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव मंत्री परिषद में रखा गया है, जिस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। भाजपा सरकार इस परियोजना को केवल एक ऊर्जा परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा के दीर्घकालिक औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सभी परिस्थितियां अनुकूल रहीं और तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हुईं, तो इस परियोजना को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। यह परियोजना छिंदवाड़ा के विकास को नई गति देने वाली साबित होगी और जिले को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।
शेषराव यादव ने कहा कि इस पावर प्लांट के स्थापित होने से छिंदवाड़ा जिले में स्थानीय युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही सड़क, बिजली और जल जैसी आधारभूत सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा, जिससे पूरे क्षेत्र की बुनियादी संरचना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय व्यापार और छोटे उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी, निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और छिंदवाड़ा का समग्र विकास तेज गति से आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार यह परियोजना केवल एक ऊर्जा संयंत्र नहीं, बल्कि जिले के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
कांग्रेस की चिंता विकास की नहीं, बल्कि अपनी खिसकती हुई राजनीतिक जमीन को बचाने की बेचौनी की है, जबकि भाजपा सरकार का संकल्प स्पष्ट है “राजनीति नहीं, विकास; भ्रम नहीं, विश्वास; और वादे नहीं, परिणाम।”