नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास
छिंदवाड़ा
21-Feb-26
छिंदवाड़ा
वर्ष 2025 में लोनिया करबल में हुए नाबालिक बालिका से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है जिसमें आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई है साथ ही पीड़िता को 2 लाख रूपए राहत राशि देने कहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 25 जून 2025 को एक महिला अपनी नाबालिक बालिका को लेकर थाना आई और एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में उसने बताया कि उसकी बालिका को मोहल्ले का रहने वाला दुर्गेश उइके बहलाफुसलाकर कुछ दूरी पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला की रिपोर्ट पर देहात थाने में अपराध धारा 137(2), 65(2) बीएनएस, 5(ए)/6, पॉस्को एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक जी.एस. राजपूत के मार्गदर्शन में प्रकरण की विवेचना कार्यवाही एसआई वर्षा सिंह ने की। आरोपी दुर्गेश पिता गलीराम उइके निवासी लोनिया करबल को 26 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में विवेचना कार्यवाही पूर्ण कर 14 अगस्त को पुलिस ने चालान तैयार कर माननीय न्यायालय सुश्री तृप्ति पांडे जेएमएफसी छिंदवाड़ा की न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी दुर्गेश पिता गलीराम उइके निवासी लोनिया करबल देहात छिंदवाड़ा को 20 वर्ष के कठोर कारावास से दण्डित किया गया है एवं पीड़िता को 2,00,000/- (दो लाख) रुपये राहत प्रतिकर राशि प्रदान करने निर्णय पारित किया गया है। प्रकरण की पैरवी एडीपीओ दिनेश उइके ने की।