नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक की साक्षी बनी जिले की महिला जनप्रतिनिधि
छिंदवाड़ा
17-Apr-26
महिला जनप्रतिनिधि लोकसभा के सत्र के दौरान सदन के दर्शनदीर्घा में रही मौजूद
छिन्दवाड़ा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (128वां संविधान संशोधन विधेयक 2023) भारत में महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33प्रतिशत ( एक तिहाई ) सीटे आरक्षित करने वाला एक ऐतिहासिक कानून है। यह अधिनियम विकसित भारत के निर्माण में महिला नेतृत्व का बढ़ावा देने के लिए लाया जा रहा है। इस अधिनियम पर लोकसभा में चर्चा के दौरान छिंदवाड़ा जिले की 5 महिला जनप्रतिनिधि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक की साक्षी बनी। पांचों महिला जनप्रतिनिधि लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान सदन के दर्शनदीर्घा में मौजूद रही।
उल्लेखनीय है कि सांसद बंटी विवेक साहू की पहल पर छिन्दवाड़ा जिले की 5 प्रमुख महिला जनप्रतिनिधियों का चयन लोकसभा के विशेष सत्र के लिए किया गया था। जिसमें नगर पालिका परिषद दमुआ अध्यक्ष श्रीमती किरण खातरकर, जनपद पंचायत जुन्नारदेव अध्यक्ष श्रीमती सविता भोसम, जनपद पंचायत चौरई अध्यक्ष श्रीमती सरोज रघुवंशी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं परासिया विधानसभा प्रभारी श्रीमती ज्योति डेहरिया एवं नगर पालिका परिषद अमरवाड़ा अध्यक्ष श्रीमती र्प्रीति तिवारी शामिल थी। महिला जनप्रतिनिधियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधेयक ही नहीं बल्कि करोड़ों माताओं व बहनों के सपनों को साकार करने और उनके आत्मविश्वास को नई उंचाईयों तक ले जाने का सशक्त माध्यम है। यह विधेयक भारतीय राजनीति में महिलाओं की भुमिका को व्यापक रूप से बदलेगा।