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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नियम बनेंगे विवाह में रोड़ा: हंसा दाढ़े

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नियम बनेंगे विवाह में रोड़ा: हंसा दाढ़े
छिंदवाड़ा
17-Apr-26
नगर पालिक निगम प्रतिपक्ष नेता श्रीमती हंसा दाढ़े ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

छिन्दवाड़ा

भाजपा की तीन इंजन वाली सरकार जनहितैषी योजनाओं के संचालन में विफल हो चुकी है। हांपती हुई सरकार अब योजनाओं को संचालित नहीं सिर्फ जिन्दा रखने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है इसीलिये बारी-बारी से योजनाओं में नियमों की जटिलता लेकर आ रही ताकि पात्रहितग्राही भी इससे वंचित हो जाए और सरकार पर सवाल भी ना उठे। इसके कहते हैं३ चित भी अपनी और.. पट भी अपनी। वर्तमान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए लाए गए नियम उपरोक्त लाइनों का पुख्ता प्रमाण है। यह बात नगर पालिक निगम में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती हंसा अम्बर दाढ़े ने मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना में दस्तावेजों की जटिलता पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कही।

श्रीमती दाढ़े ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवार की बेटियों व बेटों का सम्मानजनक ढंग से विवाह करना और उन्हें विवाह उपरांत उपहार भी प्रदान करना है। वर्तमान में भाजपा सरकार ने इस योजना को नियमों के पेंच में उलझा दिया है जिससे पात्र परिवार पंजीयन कराने से वंचित रह रहे हैं या फिर दस्तावेजों के अभाव में गरीब परिवार की बेटियां विवाह बंधन में बंधने से वंचित रह सकती है। जबकि इसी योजना का सबसे बेहतर क्रियान्वयन तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं तत्कालीन सांसद नकुलनाथ के कार्यकाल में हुआ था। इस योजना में भाजपा सरकार में विवाह बंधन में बंधने वाले नवयुगल को महज 25000 हजार रुपए उपहार स्वरूप दिए जाते थे, उसे कमलनाथ एवं नकुलनाथ ने बढ़ाकर 51000 हजार रुपए किए साथ ही उस दौर में नगर पालिक निगम क्षेत्र के प्रत्येक पात्र परिवारों योजना से लाभांवित हुए। उस दौर में कर्मकार मंडल धारी हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया था।

भाजपा सरकार में परिस्थितियां पूरी तरह विपरित है, विवाह के लिए बेटी से यानि वधु से गरीबी का प्रमाण मांगा जा रहा है। यह भी निर्धारित किया गया है कि (ई)  पोर्टल पर गरीबी रेखा का कार्ड होना चाहिए यह भी अनिर्वाय किया गया है। सरकार किसी तरह योजना को सीमित करने में जुट चुकी है, इसीलिये तमाम तरह के नियम और कायदे आमजन पर थोपे जा रहे हैं, ताकि जनता दस्तावेजों में उलझी रहे और पंजीयन का समय निकल जाए, किसी तरह चंद लोगों के बीच विवाह की इतिश्री कर भाजपा योजना के नाम पर जनता के बीच तालियां पीट सके। 

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