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जो छेड़ेगा हिंदुओं की बस्तिओं को हम मिटा देंगे उनकी हस्तिओं को: साध्वी सरस्वती देवी

जो छेड़ेगा हिंदुओं की बस्तिओं को हम मिटा देंगे उनकी हस्तिओं को: साध्वी सरस्वती देवी
छिंदवाड़ा
17-Jan-26
जय श्रीराम और भारत माता की जय के उद्घोष से गूंज उठा पोला ग्राउंड 

छिंदवाड़ा

राष्ट्रीय स्वयं संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत हिंदू जागरण कार्यक्रम आयोजन की श्रृंखला में  शनिवार को पोलाग्राउंड में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदुत्व की मुखरध्वनी और कथावाचक साध्वी सरस्वती जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उनके प्रभावशाली उद्बोधन को सुनने जिले भर से बड़ी संख्या में सनातनी बंधु उपस्थित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की पूजा और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्रसेविका समिति की प्रांत प्रचारिका वसुधा दीदी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में सनातन धर्म और समरसता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में कभी जाति प्रथा नहीं रही। ये देश समरसता का रहा है। ये देश राम का है जहां वनों में निवास करने वाली माता शबरी के झूठे बेर का भी भगवान ने रसास्वादन किया है।
सह प्रांत प्रचारक श्रवण जी ने कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से हम पूरे सनातन समाज में परिवर्तन करने का संकल्प कर निकले हैं। पंच परिवर्तन के माध्यम से देश में ऊंच-नींच और जात-पात को खत्म किया जा सकता है। सनातन को बचाने के लिए हिंदुओं को बचाने के लिए गुरू तेग बहादुर और उनके चार साहबजादों का बलिदान हम कैसे भूल सकते हैं। हिंदू धर्म को बचाने के लिए शिवाजी महाराज के संघर्ष को याद रखना होगा। सतानत और भारत विरोधी ताकतों को हराना है तो समाज में समरसता का बीजा बोना ही होगा।

हिंदूत्व की मुखरध्वनी और कार्यक्रम की मुख्य वक्ता साध्वी सरस्वती जी ने अपने तेजस्वी उद्बोधन में कहा कि ये देश पेड़ों की पूजा करता है जो सभी को ऑक्सीजन देते हैं। पूरे विश्व में भारत एकमात्र देश हैं जहां पेड़ों की पूजा होती है। हम सूर्य की पूजा करते हैं पूरे देश में एकमात्र देश हैं जहां सूर्य को एक लोटा जल चढ़ाते हुए मंत्रोच्चार के साथ प्रतिदिन पूजा होती है। पूरे विश्व में किसी और देश और धर्म में प्रकृति की पूजा दिखाई नहीं देती है। उन्होंने कहा कि विश्व में कुत्तों से प्रेम को लेकर बहुत कुछ कहा जाता है। एनिमल लवर होने का ढोंग किया जाता है लेकिन हमारे देश में तो गाय, बैल से लेकर सांप तक को पूजा जाता है।

अपने गौरवमयी इतिहास की याद दिलाते हुए साध्वी सरस्वती जी ने कहा कि हमें अपने इतिहास के गौरव को याद करना होगा। हम बहादुर लोग है किसी से डरते नहीं हैं। इतिहास हमने अपने खून से लिखा है। पाकिस्तान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ये भारत पहले वाला भारत नहीं है। ये नया भारत हैं। अब हम उनके घर में घुस कर मारते है। वे आतंकवादी घटनाओं में 5 को मारते हैं तो हम उनके घर में घुसकर 500 मारते हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर उन्होंने कहा कि भारत का हिंदू उन्हें भूला नहीं है। बहुत जल्द समय आएगा भारत पीओके सहित अपनी समस्त भूमि वापस लेगा। उन्होंने कहा कि देश में भाईचारा की दुहाई देने वालों से मैं कहना चाहूंगी कि मैं भाईचारे का समर्थन करती हूं लेकिन हम भाईचारा उन्हीं से निभाएंगे जो एपीजे अब्दुल कलाम और रामरहीम की विचारधारा के होंगे। गौ माता को काटने वाले, भारत माता को अपशब्द कहने वालों से हमारा कोई नाता नहीं है। अब समय आ गया है जब हर सनातनी के एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में भाला रहना चाहिए और हमें अपनी मां से ऊपर गौमाता और भारत माता को रखना होगा। 

अंत में उन्होंने उपस्थित सनातनियों ने सनातन धर्म और भारत के लिए दक्षिणा में हर परिवार से एक स्वयंसेवक की मांग की जिसका उपस्थित जनसमुदाय ने हाथ उठाकर सहमति जताई। भारत माता की आरती के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम समापन के बाद सभी समरस खिचड़ी का आनंद उठाया। साध्वी सरस्वती देवी ने उपस्थितजनों को अपने हाथों से समरस खिचड़ी परोसी। कार्यक्रम में दूर-दूर से आए सनातनी नागरिक बंधुओं के अलावा सांसद बंटी विवेक साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव, भाजपा महामंत्री विजय पांडे, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित संघ के सभी अनुसांगिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पातालेश्वर धाम में हिंदू सम्मेलन आज

महाकाल उपनगर बस्ती जिसमें सोनपुर बस्ती, सारसवाड़ा, बोरिया, सोनाखार, सुकलुढाना, पातालेश्वर के क्षेत्र आते हैं उनका हिंदू सम्मेलन आज रविवार को दोपहर 12 रखा गया है। महाकाल उपनगर बस्ती में आने वाले सभी सनातनी भाईयों और बहनों से इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर हिंदू एकता का परिचय देने की प्रार्थना महाकाल उपनगर के कार्यकर्ताओं ने की है।

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