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ऐसी ताकतों को परास्त करना होगा जो भारत को अपनी मातृभूमि नहीं मानते: द्विवेदी

ऐसी ताकतों को परास्त करना होगा जो भारत को अपनी मातृभूमि नहीं मानते: द्विवेदी
छिंदवाड़ा
31-Jan-26
चंदन नगर का हिंदू सम्मेलन संपन्न, अतिथियों ने दिया ओजस्वी उद्बोधन

छिंदवाड़ा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को नागपुर रोड, चंदन नगर स्थित महाजन लॉन 2 में भव्य एवं दिव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के पूर्व चंदन नगर के प्रमुख मार्गों से मातृशक्ति द्वारा श्रद्धालु कलश यात्रा निकाली गई जो महाजन लॉन 2 में आकर समाप्त हुई। कार्यक्रम में संघ के पूर्व प्रचारक श्री द्विवेदी जी, बाल ब्रम्हचारी नागेन्द्र जी और श्रीमती बी.राधा नायडू मंचासीन रहे। कार्यक्रम शुरू करने के पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर गौ माता और कन्या पूजन किया। अतिथियों के स्वागत पश्चात वक्ताओं ने उपस्थित जनसमूह के बीच अपनी बात रखी।

मातृशक्ति संस्कारों की यूनिवर्सिटी होती है: नायडू

किसी भी राष्ट्र के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे सशक्त होती है क्योंकि वो ही बच्चों में मातृभूमि से प्रेम, देश से प्रेम, अपने संस्कारों से प्रेम और अपने धर्म से प्रेम के बीच बोती है। जिन परिवारों में इस तरह बच्चों को संस्कार मिलते है निश्चय ही वो आगे चल कर देश सेवा करते हैं। आज समाज को पंच परिवर्तन की आवश्यकता है जिसमें सर्वप्रथम हम सभी को स्वदेश प्रेमी होना आवश्यक है। हमें अपने देश की भूमि से, जल से, वायु से, देश में निर्मित उत्पाद से प्रेम करना होगा। हमें अपने जीवन में यह ध्यान रखना होगा कि हमारे देश की भूमि, जल  और वायु स्वच्छ रहे। इसके लिए हमें जागरूकता के साथ इसके संरक्षण का भी ध्यान रखना होगा।

देश और हिंदू समाज के लिए नागरिकों को जागरूक करने वाला संगठन है आरएसएस: श्री द्विवेदी 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक और प्रखर राष्ट्रवादी श्री द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ही देश और हिंदू समाज के हितों के लिए जागरूक नागरिकों का निर्माण करना है। संघ की स्थापना से आज तक संघ पर न जाने कितने कष्ट आए, कितनी बाधाएं आई लेकिन उन सभी को पार करते हुए आज संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। संघ के स्वयंसेवकों की निष्ठा और लगन का ही परिणाम है कि हिंदू समाज आज जाग्रत हुआ है। हिंदू समाज में समरसता के भाव को लेकर स्वयंसेवकों ने जो कार्य किया है उसका भी प्रभाव आज समाज में दिखता है। संपूर्ण विश्व आज भारत को शक्ति के रूप में देख रहा है तो यह हिंदू के जागने के कारण संभव हो पाया है कि क्योंकि हिंदू समाज भारत को मातृभूमि मानता है। देश के अंदर निवास करने वाले कोई पंथ या संप्रदाय में ये भाव दिखाई नहीं देता। कुछ लोग देश को और हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं ऐसी ताकतों से सावधान रहने की आवश्यकता है। ऐसी ताकतों को सख्ती के साथ खत्म करना आवश्यक नहीं तो वो देश को और हमारी संस्कृतिक को तार-तार कर देंगे।

हिंदूओं की जागरण में संघ की भूमिकार: नागेन्द्र ब्रहम्चारी

आज देश का हिंदू समाज जाग्रत हो चुका है इसके लिए संघ ने लंबी तपस्या की है। संघ के स्वयंसेवकों का हिंदू समाज और देश के लिए जो भाव है वही भाव आज देश के हर नागरिक को रखना चाहिए तभी हमारा देश और हमारी संस्कृति बची रहेगी। आज पश्चिमी सभ्यता के साथ-साथ देश के अंदर ऐसी ताकते काम रही है जो हमारे बच्चों को भारतीय संस्कृति से दूर कर रही है। इससे समाज को बचाने की आवश्यकता है। यह बात अपने उद्बोधन में नागेन्द्र ब्रम्हचारी जी से ने कही। मुख्य वक्ताओं के उद्बोधन के पूर्व कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।

कल 1 फरवरी को कलेक्ट्रेट मैदान के सामने होगा हिंदू सम्मेलन

संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर विशाल हिंदू सम्मेलन के माध्यम से हिंदू जनमानस में जनजागरण का कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में कल 1 फरवरी रविवार को कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने मैदान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। हिंदू सम्मेलन समिति ने सभी देशभक्त नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
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