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छिंदवाड़ा की सबसे बड़ी चिंता पानी!

छिंदवाड़ा की सबसे बड़ी चिंता पानी!
लेख
25-Jul-26
जनमत सर्वे में 37.1% लोगों ने पेयजल और जल निकासी को बताया पहली प्राथमिकता

रोजगार और उद्योग दूसरे नंबर पर, सड़क-यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जताई चिंता

समीक्षक: रामकुमार विश्वकर्मा

छिंदवाड़ा

शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर लोगों की प्राथमिकताएं क्या हैं, इसे जानने के लिए छिंदवाड़ा अपडेट द्वारा आयोजित जनमत सर्वे में नागरिकों ने अपनी राय खुलकर रखी। सर्वे के नतीजों ने साफ कर दिया है कि शहरवासियों के लिए सबसे बड़ी चिंता पेयजल और जल निकासी की समस्या है। 37.1 प्रतिशत लोगों ने इसे शहर की सबसे महत्वपूर्ण समस्या मानते हुए इसके तत्काल समाधान की मांग की है।

पेयजल एवं जल निकासी – 37.1%

जनमत सर्वे में नागरिकों को चार प्रमुख समस्याओं के विकल्प दिए गए थे। इनमें पेयजल और जल निकासी व्यवस्था को सबसे अधिक मत मिले। शहर के कई हिस्सों में गर्मी के मौसम में पानी की कमी और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जिससे लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं।

रोजगार एवं उद्योग – 35.7%

सर्वे में दूसरा स्थान रोजगार और उद्योग को मिला। 35.7 प्रतिशत लोगों का मानना है कि छिंदवाड़ा में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं और औद्योगिक विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी है। युवाओं का एक बड़ा वर्ग बेहतर रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहा है। ऐसे में नागरिक चाहते हैं कि स्थानीय स्तर पर नए उद्योग स्थापित हों और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था – 15.7%

वहीं, सड़क और यातायात व्यवस्था को 11.4 प्रतिशत लोगों ने शहर की सबसे बड़ी समस्या बताया। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पार्किंग जैसी समस्याओं को लेकर लोगों ने चिंता जताई है।

सड़क एवं यातायात व्यवस्था – 11.4%

स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को 15.7 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। नागरिकों का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ नियमित सफाई और स्वच्छता व्यवस्था पर भी प्रशासन को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

जनता का संदेश स्पष्ट

जनमत सर्वे के परिणाम यह संकेत देते हैं कि छिंदवाड़ा के नागरिक केवल समस्याओं की चर्चा नहीं, बल्कि उनके प्राथमिकता के आधार पर समाधान की अपेक्षा भी रखते हैं। पेयजल, जल निकासी और रोजगार जैसे मुद्दे सीधे आमजन के दैनिक जीवन से जुड़े हुए हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के लिए यह जनमत शहर के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

यह जनमत बताता है कि छिंदवाड़ा अब केवल विकास के दावों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि नागरिक अपनी बुनियादी जरूरतों के प्रभावी और स्थायी समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
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