विद्यार्थियों को बताएं सर्पदंश से जान बचाने के उपाए
शिक्षा
26-Jul-26
सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक से बचें, तत्काल लगवाएं एंटीवेनम

छिंदवाड़ा
बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था अपूर्वा फाउंडेशन द्वारा ग्राम कोटलबरी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सर्पदंश से बचाव एवं उसके वैज्ञानिक उपचार के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर अपूर्वा फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय साहू, सिविल डिफेंस के सब डिवीजन वार्डन एवं परामर्शदाता श्यामल राव तथा प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष राहुल अवस्थी उपस्थित रहे। श्यामल राव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि सर्पदंश एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति है। समय पर पहचान और त्वरित उपचार से पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए सभी को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने जानकारी दी कि देश में लगभग 250 से 300 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, जिनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर अत्यंत विषैले सांपों की श्रेणी में आते हैं। अधिकांश अन्य सांप विषहीन होते हैं। सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय बिना विलंब किए पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए, जहां एंटीवेनम इंजेक्शन उपलब्ध रहता है। समय पर एंटीवेनम दिए जाने से सर्पदंश से होने वाली मृत्यु और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान संजय साहू ने सर्पदंश विषय पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की, जिसमें सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य बलराम धृतलहरे, गुरु प्रसाद माहोरे, संतोष राव लाड़े, प्रदीप सोनी, निर्मला सारथी, खुशी ठाकरे, शोभा चौरसिया, शोभाराम अहिरवार, नंदन साहू एवं संदीप रोतिया का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन शिवांगी साहू एवं आलोक टांडेकर ने किया।