ग्रामीणों को बताए घरेलू हिंसा से होने वाले नुकसान
छिंदवाड़ा
08-Jul-25
महिलाओं को बताए उनके अधिकार, अधिनियम की दी जानकारी,
छिंदवाड़ा
गांव, मोहल्ला, घर-परिवार में विवाद होना आम बात है लेकिन इन विवादों में जब हिंसा होती है तो उसका नुकसान घर-परिवार के साथ-साथ पूरे समाज को उठाना पड़ता है। कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं, वकीलों को पैसा देना पड़ता है और न जाने कैसी-कैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये बात केवलारी के ग्रामीणों को चौपाल के माध्यम से समझाई गई।

विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से संचालित योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने एवं योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो इस हेतु सुशांत हुद्वार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम छिंदवाडा विकास खंड के ग्राम सोनखवां एवं ग्राम केवलारी में किया गया। इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 क्या है, हिंसा किसे कहते है,पारिवारिक विवाद के मामलों में मध्यस्थता करने के अलावा निशुल्क विधिक सहायता और भरण पोषण की जानकारी दी। इसके अलावा महिलाओं के लिए बने कानून और अधिकार , महिला का शोषण होने पर महिला हेल्प लाईन 1090 पर करने की जानकारी दी गई । चौपाल में वृद्धों के अधिकार, भरण पोषण के साथ सुरक्षित देखभाल के बारे में विस्तार से बताया गया । इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं की जानकारी वाले पाम्पलेट का वितरण किया। आयोजन को सफल बनाने में पी. एल. व्ही. निधि मालवीय, ग्राम पंचायत के सरपंच इंद्रभानशा सल्लाम , सचिव रुपेश सूर्यवंशी का सराहनीय सहयोग रहा।