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बाल विवाह को लेकर पिंडरई के ग्रामीणों को किया जागरूक

बाल विवाह को लेकर पिंडरई के ग्रामीणों को किया जागरूक
छिंदवाड़ा
01-Jan-26
छिंदवाड़ा

बाल विवाह प्रतिषेद अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह करना एवं करवाना कानुनन अपराध हे । ऐसा करने  वाले व्यक्ति को दो लाख का जुर्माना एवं एक वर्ष की  कठोर सजा का प्रावधान है वही  सामूहिक विवाह आयोजनों में अगर बाल विवाह की घटनाएं होती है तो आयोजकों के विरुद्ध भी सख्त कारवाई इस कानून के तहत सुनिश्चित की जाती है। बाल विवाह प्रतिषेध कानून भारत के सभी नागरिकों पर लागू है इसलिए कोई सम्प्रदाय विशेष इस कानून से परे होने का दावा कोई नही कर सकता है।

यह बात  सामाजिक कार्यकर्ता शयामल राव ने बाल विवाह जागरूकता रैली और कार्यक्रम में कही। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश शिवहरे के निर्देशन में ग्राम पिंडरई में बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यवेक्षक संध्या पाल ने बाल विवाह करने के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुये कहा की इन दुष्प्रभाव के कारण हमारे जन्मे बच्चों पर भी बुरा असर देखने को मिलता है। बाल अवस्था में हम  अपनी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। आयोजन उपरांत उपस्थित छात्र छात्राओं ,को बाल विवाह रोकने शपथ दिलाई गई। इसके बाद रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

उपस्थित विद्वानों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध कानून के तहत एक अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है जिसे बाल विवाह के मामले में पुलिस की तरह गिरफ्तारी तक के अधिकार प्रावधानित है। बाल विवाह की सूचना के लिए टोल फ्री नम्बर 181,112, और 1098 पर दे सकते ,सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है। आयोजन को सफल बनाने में पीएलवी रीता वर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुनीता उईके, सुलेखा सरेयाम, सचिव देवेन्द्र डेहरिया, पंकज शर्मा, केशराम डेहरिया, गंगा प्रसाद उईके, संजय उईके का सराहनीय सहयोग रहा ।
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