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बाल सुरक्षा जागरूकता के अंतर्गत विद्यार्थियों को बताए उनके अधिकार

बाल सुरक्षा जागरूकता के अंतर्गत विद्यार्थियों को बताए उनके अधिकार
छिंदवाड़ा
09-Jul-25
छिंदवाड़ा 

परिवार, समाज और देश के प्रति बालक-बालिकाओं के क्या अधिकार है और क्या कर्तव्य हैं उन्हें पता होना चाहिए और इसके प्रति उन्हें सजग और जागरूक रहना चाहिए। इससे उनके साथ होने वाले अन्याय, हिंसा और अपराधों की रोकथाम होती है जिससे देश में अच्छे नागरिक तैयार होते हैं। यह बात शालेय स्तर पर बच्चों को समझाई जाए तो उन्हें पढ़ाई के अतिरिक्त सामान्य जानकारियां मिलती है और यह कार्य किया जा रहा है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा।  ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें बाल सुरक्षा और अधिकार की जानकारी दी जा रही है ताकि वे जागरूक रहे। 

शासकीय हाई स्कूल चारगांव प्रहलाद में  विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्वार  के निर्देशन में बालकों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम हेतु बाल सुरक्षा पर कार्यक्रम  किया गया।  उपस्थित विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम2015, पाक्सो एक्ट 2012 बालकों के अधिकार, संविधान के आर्टीकल 21 ए में जो अधिकार उन्हें दिए गए हैं उसकी जानकारी दी गई।


प्राधिकरण के सदस्य  श्यामल राव ने कहा कि  बालिकाओं के साथ  छेड़खानी, शरारत.  पीछा करना. मजाक करना, बच्चों की फोटो व वीडियो वायरल करना,  सार्वजनिक स्थानों,  यात्री बसों-ट्रेनों . व कार्यस्थलों पर किसी भी तरह की शरारत  किसी व्यक्ति के द्वारा की जाती है तो निःशुल्क टोलफ्री नंबर महिला हेल्पलाइन 1090, डायल 100 व 1098,112  पर कॉल करके सहायता ली जा सकती है। स्कूल में पढ़ने वाले बालक-बालिका के साथ किसी तरह की बेड टच की घटना घटती हैे तो निडर होकर तुरंत 100 नम्बर डायल कर पुलिस को सूचना देना चाहिए। कार्यक्रम में प्राचार्य अजय कुमार शर्मा , नंदिता धुर्वे, नमिता अहिरवार, प्रीति वर्मा, राजकुमार धुर्वे, अनुसुइया परतेती, प्रग्या पटेल, जयवंती परोचे, अंजु आठनेरिया , नीलम वर्मा, जितेंद्र सूर्यवंशी आदि उपस्थित थे।
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