भारत भारती विद्यालय परिसर में गूंजा नारी शक्ति का स्वर, ओजस्विनी युवती सम्मेलन
छिंदवाड़ा
16-Oct-26
अभाविप ने किया ओजस्विनी अजेय नारी शक्ति का आयोजन

छिंदवाड़ा अपडेट
स्वयं की रक्षा, स्व के सम्मान और नारी शक्ति के जागरण के संकल्प के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला बालाघाट के तत्वावधान में “ओजस्विनी युवती सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में छात्राएं और युवतियां शामिल हुईं। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्या की देवी मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक नृत्य और देशभक्ति से ओतप्रोत सामूहिक गीतों की प्रस्तुतियां हुईं, जिनसे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से भर गया। छात्राओं द्वारा कराटे का प्रदर्शन और “मिशन साहसी” का प्रदर्शन भी हुआ, जिसने आत्मरक्षा के प्रति आत्मविश्वास का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निवेदिता गुप्ता, प्रांत प्रचारिका सुश्री वसुधा सुमन जी (महाकोशल प्रांत, राष्ट्र सेविका समिति), डॉ.कंचन दुबे, सुश्री अपराजिता (राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य अभाविप ), सुश्री अनुष्का गुप्ता उपस्थिति रहे। साइबर सुरक्षा विषय पर वक्ता श्रीमती निवेदिता गुप्ता ने कहा कि डिजिटल युग में सुविधा के साथ खतरे भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें, और संदिग्ध स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस की मदद लें।
स्वास्थ्य जागरूकता
डॉक्टर कंचन दुबे ने कहा कि स्वस्थ नारी ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि युवतियां अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, संकोच छोड़कर खुलकर संवाद करें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।
पंच परिवर्तन विषय पर राष्ट्र सेविका समिति की महाकोशल प्रांत प्रचारिका सुश्री वसुधा सुमन जी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की शुरुआत व्यक्ति और परिवार से होती है। उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी जीवन शैली को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवतियां जब अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर स्वावलंबी बनेंगी, तभी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार होगा।
महिला विमर्श विषय पर सुश्री अपराजिता ने कहा कि नारी समाज की केवल सहभागी नहीं, बल्कि दिशा देने वाली शक्ति है। उन्होंने कहा कि आज की युवती को शिक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व के हर क्षेत्र में आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त होना आवश्यक है। तत्पश्चात सभी प्रतिभावान छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। तदोपरांत कार्यक्रम का आभार एवं समापन अनुष्का गुप्ता द्वारा किया गया ।