जिला जनपद उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने त्यागी भाजपा
राजनीति
16-Oct-26
जनप्रतिनिधि के रूप में आगे भी किसानों की समस्याओं पर करेंगे संघर्ष
छिंदवाड़ा अपडेट

जिले में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुखर रहे भाजपा किसान नेता एवं जिला जनपद उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक व सक्रिय सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. शेषराव यादव को भेज दिया है। अपने त्यागपत्र में अमित सक्सेना ने जिलाध्यक्ष द्वारा हाल ही में जारी किए गए अनुशासनात्मक कारण बताओ नोटिस से आहत और व्यथित होने को त्यागपत्र का मुख्य कारण बताया है।
क्या था पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि किसान नेता अमित सक्सेना जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे। इस आंदोलन की भनक लगते ही भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शेषराव यादव ने इसे पार्टी अनुशासन के विपरीत मानते हुए अमित सक्सेना को सात दिवसीय कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि 13 अक्टूबर तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है।
नोटिस की परवाह किए बिना निकाली थी किसान रैली
नोटिस मिलने के बावजूद किसान नेता अमित सक्सेना ने किसानों के हित में कदम पीछे नहीं खींचे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विशाल किसान रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर को किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद आज उन्होंने पार्टी की सदस्यता से अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष को भेज दिया।
किसानों के बीच मानी जाती है मजबूत पकड़
गौरतलब है कि अमित सक्सेना पूर्व में वरिष्ठ कांग्रेस नेता के रूप में सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र के किसानों व आमजन के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। कुछ समय पूर्व ही वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने और पार्टी द्वारा नोटिस जारी किए जाने के चलते उन्होंने भाजपा से अपना नाता तोड़ लिया है।