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विश्व बालिका दिवस पर बालिकाओं का किया सम्मान

विश्व बालिका दिवस पर बालिकाओं का किया सम्मान
शिक्षा
17-Oct-26
छात्रों ने लिया बाल विवाह रोकथाम का संकल्प

छिंदवाड़ा अपडेट

बेटियों को बचपन जीने, शिक्षा पाने, सपने देखने और अपने भविष्य का फैसला स्वयं करने का पूर्ण अधिकार है, लेकिन इसके बावजूद देश-प्रदेश के कई हिस्सों में बालिकाओं का बचपन सामाजिक कुरीतियों और बाल विवाह की वेदी पर चढ़ जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में, 11 अक्टूबर विश्व बालिका दिवस (वर्ष 2026) की थीम बाल विवाह समाप्त करना और उनके अधिकारों पर कार्य करना के अंतर्गत जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश कुमार शिवहरे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पिंडरई कला स्थित हाई स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन परामर्शदाता, प्राचार्य रीता चटर्जी और जैनीफा खैस की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा का अंत करना और बालिकाओं के हित में निर्णय सुनिश्चित करना है, ताकि हर बेटी सम्मान, स्वतंत्रता और समान अवसरों के साथ आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि माता-पिता, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और सामुदायिक नेतृत्व को एकजुट होकर बेटियों का बाल विवाह रोकने के साथ-साथ उन्हें शिक्षित कर सक्षम बनाने की दिशा में काम करना होगा।

इसी क्रम में शैलेंद्र शुक्ला ने बेटियों के कल्याण के लिए संचालित शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली 5 मेधावी छात्राओं को मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित छात्रों ने बाल विवाह रोकथाम का संकल्प भी लिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकगण एवं कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।
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