पानी अपव्यय रोकने नगर निगम चलाएगा रोको-टोका अभियान
छिंदवाड़ा
16-Oct-26
संभावित जल संकट से निपटने नगर निगम की बैठक
पानी व्यर्थ बहाने पर कटेगा कनेक्शन और लगेगा भारी जुर्माना

छिंदवाड़ा अपडेट
शहर में आगामी समय में संभावित जल संकट से निपटने और पेयजल का सुचारू व न्यायसंगत प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को नगर निगम सभागार कक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से जल प्रदाय विभाग की सभापति श्रीमती अरुणा मनोज कुशवाहा एवं नगर निगम आयुक्त श्री सी.पी. राय ने उपस्थित रहे। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य, विभिन्न विभागों के सभापति, सभी वार्डों के पार्षदगण एवं जल प्रदाय विभाग का पूरा तकनीकी व प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा।
कन्हारगांव डेम केवल 5 प्रतिशत भरा, जल अपव्यय रोकने
बैठक के दौरान जल प्रदाय विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह चिंताजनक बात सामने आई कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष कम बारिश होने के कारण शहर का मुख्य जल स्रोत कन्हारगांव डेम मात्र 5 प्रतिशत ही भर पाया है, वहीं माचागोरा डेम भी अपनी कुल क्षमता से आधा ही भर सका है। जल स्तर की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आगामी ग्रीष्मकाल में हर नागरिक तक पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निगम प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से कई कड़े व जनहितकारी निर्णय लिए हैं।
एक-एक बूंद सहेजने चलेगा अभियान
शहर में पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया कि अब निर्माण कार्यों (कन्स्ट्रक्शन वर्क) के लिए नगर निगम का पानी टैंकर किसी भी स्थिति में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसके साथ ही पीने के पानी का अपव्यय रोकने के लिए पूरे शहर में व्यापक स्तर पर रोको-टोको अभियान की शुरुआत की जा रही है।
2000 रूपए तक लगेगा जुर्माना
अभियान के तहत जल अपव्यय करने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही होगी, जिसके अंतर्गत पहली बार पानी व्यर्थ बहाते पाए जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और दूसरी बार उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बावजूद यदि कोई नागरिक जल का अपव्यय बंद नहीं करता है, तो संबंधित उपभोक्ता का नल कनेक्शन तत्काल विच्छेदित (काट) कर दिया जाएगा और पुनः कनेक्शन जोड़ने के लिए 10,000 रुपये का भारी शुल्क जमा कराना अनिवार्य होगा।
माचागोरा डेम से पानी लाने बनाने दीर्घकालिक योजना पर विचार
जलापूर्ति व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेन सप्लाई लाइन से जुड़े सीधे कनेक्शनों को तुरंत हटाकर उन्हें डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में शिफ्ट किया जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में समान दबाव से पानी पहुँच सके। शहर की सभी ओवरहेड पानी टंकियों पर लेवल इंडिकेटर लगाए जाएंगे, जिससे जलभराव और ओवरफ्लो की सटीक डिजिटल निगरानी की जा सकेगी। इसके साथ ही गंदे पानी की शिकायतों पर त्वरित नियंत्रण पाने, सार्वजनिक नलों से होने वाले जल बहाव को रोकने के लिए उन्हें बंद करने तथा भविष्य के लिए माचागोरा डेम से स्थायी रूप से अतिरिक्त पानी लाने की दीर्घकालिक योजना तैयार करने पर भी विस्तार से सहमति बनी है।
नगर निगम प्रशासन एवं समस्त जनप्रतिनिधियों ने छिंदवाड़ा के सभी आत्मीय नागरिकों से भावुक अपील की है कि जल ही जीवन का आधार है और इस सीमित जल भंडारण के समय में हर नागरिक अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाए। नागरिक अपने-अपने घरों के नलों में अनिवार्य रूप से टोटियां (टैप्स) लगाएं, पानी का उपयोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही करें और जल संरक्षण की इस पवित्र मुहिम में नगर निगम का पूर्ण सहयोग कर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें।