सरपंच की दंबगई, परेशान ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर के पास
छिंदवाड़ा
09-Dec-25
सरपंच ने किया ग्रामीण कृषकों के आवागमन के रास्ते पर कब्जा
छिंदवाड़ा
गांव की सरकार के मुखिया यानि सरपंच लोगों की समस्या हल करने के बजाए स्वयं समस्या बन रहे हैं। इन सरपंच साहब की दबंगई से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर साहब से गुहार लगाकर न्याय की मांग की है। मामला उमरिया ईसरा का बताया जा रहा है। कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया है और समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है।

ग्राम उमरिया ईसरा के ग्रामीणों ने आज कलेक्टर जन सुनवाई में पहुॅचकर कलेक्टर को आवेदन दिया जिसमें उन्होनें बताया कि उनकी भूमि वाकेे मौजा ग्राम उमरिया ईसरा रा.नि.मं. छिंदवाड़ा तहसील व जिला छिंदवाड़ा में स्थित भूमि खसरा नंबर 501/4, 501/3, 503/2, 503/1, 564/1, 504/1, 505/1, 497/2, 496 राजस्व रिकार्ड में दर्ज है, और कृषकगण विगत 35-40 वर्षाे से ग्राम में स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 490 एवं इसी भूमि से ग्राम पंचायत के सरपंच हरिराम पाल की भूमि खसरा नंबर 497/1 भी लगी हुई है, में से अपनी-अपनी भूमि में आवागमन करते आ रहे है । जिसमें ग्राम पंचायत सरपंच हरिराम पाल द्वारा विगत् एक माह के दौरान भूमि का बगैर कोई सीमांकन कराये अपनी मनमर्जी से ग्रामीण कृषकों के आवागमन के मार्ग को बाधित करते हुये उसे फेंसिंग से बंद कर दिया है। सरपंच के इस कृत्य से अन्य किसानों को कृषि कार्य करने में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कृषकों के आवागमन हेतु अन्य कोई मार्ग पृथक से उपलब्ध नहीं है ।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी मा. न्यायालय नायब तहसीलदार ग्रामीण छिंदवाड़ा के द्वारा आदेश क्रमांक/254/ना.तह./प्र./2025 छिंदवाड़ा दिनांक 02.12.2025 के द्वारा गठित राजस्व भूमि सीमांकन हेतु टीम के द्वारा म.प्र.भू.रा.सं. के प्रावधानों के अनुरूप विधिवत सीमांकन न करते हुये सरपंच हरिराम पाल को अवैधानिक रूप से शासकीय भूमि पर किये गये कब्जे को वैध ठहराये जाने की मंशा/लाभ पहुॅचाने हेतु गलत तरीके से स्वेच्छाचारिता बरतते हुये मन माफिक सीमांकन किया जाकर अवैध लाभ पहुॅचाया गया है जिससे हमारे आवागमन का मार्ग बाधित है एवं फेंसिंग नहीं हटायी गयी है । ग्रामीणों ने कलेक्टर से निवेदन किया कि शीघ्र ही आवागमन का मार्ग खोला नहीं गया तो हम कृषकगण अपनी भूमि में बोनी से वंचित रह जायेंगे जिससे होने वाली क्षति की भरपायी संभव नहीं हो पायेगी। उन्होनें उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाते हुये आवागमन का मार्ग खुलवाने की मांग की है