खरीफ फसल के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई
कृषि जगत
20-Jul-26
छिन्दवाडा

शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 सीजन के लिए किसानों द्वारा फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। किसानों के लिए खरीफ मौसम में समस्त अनाज, तिलहन एवं दलहन फसलों पर बीमित राशि का 2 प्रतिशत तथा कपास फसल पर 5 प्रतिशत या वास्तविक प्रीमियम दर, जो भी कम हो, लागू होगी।
फसल बीमा के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड की प्रति, जमीन बंटाई का शपथ पत्र (बटाईदार होने की स्थिति में), नवीनतम भू-अभिकार एवं ऋण पुस्तिका की प्रति, बैंक खाते की पासबुक की प्रति अथवा कैंसिल चेक, जिसमें आईएफएससी कोड एवं खाता संख्या अंकित हो एवं कृषि या राजस्व विभाग के कार्मिक द्वारा जारी बुवाई प्रमाण पत्र अथवा स्व-प्रमाणित बुवाई प्रमाण पत्र आदि ।
किन फसलों का होगा बीमा
पटवारी हल्का स्तर पर धान (सिंचित), धान (असिंचित), सोयाबीन, मक्का एवं तुअर, तहसील स्तर कपास एवं मूंगफली और जिला स्तर पर उड़द का फसल बीमा किया जा सकता हैं।
योजना के अंतर्गत फसल क्षति का बीमा कवरेज
योजना के तहत अधिसूचित क्षेत्रों में निम्न परिस्थितियों में फसल क्षति का जोखिम कवर किया जाएगा -
1. बाधित बुआई/रोपण/अंकुरण जोखिम
कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई, रोपण या अंकुरण प्रभावित होने से होने वाली हानि।
2. खड़ी फसल (बुआई से कटाई तक)
सूखा, लंबी शुष्क अवधि, कीट एवं रोग, बाढ़, जलभराव, भू-स्खलन, प्राकृतिक अग्नि, आकाशीय बिजली, तूफान, ओलावृष्टि एवं चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति।
3. कटाई उपरांत नुकसान
कटाई के बाद अधिकतम दो सप्ताह तक ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा एवं गैर-मौसमी वर्षा से होने वाली क्षति।
4. स्थानीय आपदाएं
ओलावृष्टि, भू-स्खलन, जलभराव, बादल फटना तथा आकाशीय बिजली से लगी प्राकृतिक आग जैसी स्थानीयकृत आपदाओं से होने वाला नुकसान आदि।
कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की गई है कि वे 31 जुलाई से पूर्व अपनी फसल का बीमा अवश्य कराएं और योजना का लाभ प्राप्त करें। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के विकासखंड स्तरीय प्रतिनिधि अथवा संबंधित बैंक से संपर्क कर सकते हैं।