बढ़ा हुआ मंडी टैक्स तत्काल वापस लिया जाए: कपाले
राजनीति
10-Jun-26
किसान और व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ
छिन्दवाड़ा
महंगाई की मार झेल रही जनता पर सरकार ने एक और बोझ डाल दिया है। मंडी टैक्स में की गई बढ़ोत्तरी किसान और व्यापारी के खिलाफ है। बढ़े हुए टैक्स से सर्वप्रथम किसान और व्यापारी ही प्रभावित होंगे और फिर इसका असर व्यापक दिखाई देगा जिससे आम नागरिक भी और अधिक महंगाई के बोझ में दब जाएंगे। उक्त उदगार जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री सुरेश कपाले ने बढ़े हुए मंडी टैक्स के विरोध में व्यक्त करते हुए तत्काल टैक्स वापसी की मांग की है।
जारी बयान में उन्होंने आगे कहा कि गैस, पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों से बढ़ती महंगाई ने आर्थिक मंदी से जूझते बाजार को प्रदेश सरकार द्वारा एक और झटका बढ़ा हुआ मंडी शुल्क दिया है। व्यापारी लम्बे समय से बढ़े हुए मंडी शुल्क को कम करने की मांग कर रहे थे, इसी बीच सरकार ने राहत देने की बजाए आफत दे दी। अनाज जैसी तमाम कृषि उपज मंडी में आधा प्रतिशत शुल्क बढ़ा दिया है। प्रदेश की भाजपा सरकार के इस निर्णय से किसान और व्यापारी दोनों ही वर्ग पर स्तब्ध है। बढ़े हुए शुल्क का बाजार पर व्यापक विपरित असर पड़ने वाला है। विभिन्न कृषि उपज पर मंडी टैक्स की प्रचलित दर एक प्रतिशत थी। सरकार के द्वारा इसमें बदलाव करते हुए मंडी शुक्ल 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत कर दी गई है जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा।
अन्य राज्यों की तुलना में मप्र में मंडी शुल्क अधिक है इस पर और वृद्धि होने के साथ ही पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण किसान की उपज पर परिवहन लागत बढ़ गई है। इसी का सामना व्यापारियों को भी करना है। श्री कपाले ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बढ़ा हुआ मंडी टैक्स तत्काल वापस लिया जाए।