कलेक्टर ने खाद के पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के दिए निर्देश
कृषि जगत
22-Jul-26
ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण और ई-टोकन व्यवस्था की ली जानकारी

छिन्दवाडा
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने बुधवार को खरीफ सीजन के लिए जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा कर किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सभी वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण, ई-टोकन व्यवस्था, आगामी रैक की उपलब्धता तथा ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन की भी विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने जानकारी दी कि खरीफ सीजन में अब तक जिले को 89,966 मीट्रिक टन यूरिया, 21,496 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट, 7,053 मीट्रिक टन पोटाश, 6,130 मीट्रिक टन डीएपी तथा 26,955 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध कराया गया है। इनमें से 70,361 मीट्रिक टन यूरिया, 13,691 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट, 3,714 मीट्रिक टन पोटाश, 5,572 मीट्रिक टन डीएपी तथा 17,921 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में 19,605 मीट्रिक टन यूरिया, 7,805 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट, 3,339 मीट्रिक टन पोटाश, 558 मीट्रिक टन डीएपी तथा 9,034 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। खरीफ सीजन में आज दिनांक तक 1,83,434 किसानों द्वारा ई-टोकन बुक कर उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है।
कलेक्टर श्री नारायन ने जिले के नगद उर्वरक विक्रय केंद्रों की केंद्रवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने आगामी दिनों में जिले को प्राप्त होने वाली उर्वरक रैक की जानकारी भी ली तथा ई-विकास पोर्टल पर लंबित एक्सेप्शनल हैंडलिंग संबंधी आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में पंजीकृत 1,766 किसानों में से 896 किसानों ने स्लॉट बुक कराया है तथा 266 किसानों द्वारा उपार्जन केंद्रों पर मूंग एवं उड़द का विक्रय किया जा चुका है। शासन के निर्देशानुसार मूंग एवं उड़द का उपार्जन 10 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। कलेक्टर श्री नारायन ने संबंधित अधिकारियों को उपार्जन कार्य सुचारु रूप से संचालित करने तथा किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।