बादल भोई के बलिदान से विद्यार्थियों को कराया अवगत
छिंदवाड़ा
22-Feb-26
जन अभियान परिषद ने किया पीजी कॉलेज में आयोजन
छिंदवाड़ा
पी जी कॉलेज सभागार में रविवार को मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम अंतर्गत संचालित एमएसडब्ल्यू बीएसडब्ल्यू कक्षा में स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी बादल भोई की पुण्य तिथि पर उनके जल जंगल जमीन के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने श्री बादल भोई के जीवन में प्रकाश डालते हुए कहा कि जल-जंगल-जमीन पर अधिकार को लेकर संघर्ष किया था, जब भारत में अंग्रेजों की हुकूमत थी। उन दिनों जहां एक ओर भारत में राजनीतिक सत्ता अपने हाथ में लेने को संघर्ष चल रहा था तो दूसरी ओर जंगलों पर आश्रित रहने वाले लोग अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे। यह भी स्वतंत्रता संग्राम ही था।

कार्यक्रम में परामर्शदाता विनोद तिवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित परासिया तहसील से लगभग 17 किलोमीटर दूर आदरणीय बादल भोई का जन्म डुंगरिया ग्राम पंचायत के तीतरा गांव में एक गोंड परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम विमला परानी और पिता का नाम कल्याण परानी था। बादल भोई के 4 बच्चे हुए जिनमें से दो बेटियां अकबरसा और इमरत भोई और दो बेटे बलदेव परानी और रविशंकर परानी हुए। इन्होंने अपनी जीवन जंगल में निवास करने वाले आदिवासियों के लिए लगा दिया।
कार्यक्रम में जिसमें जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन, परामर्श दाता विनोद तिवारी, श्यामल राव, श्रीमति लता नागले, श्रीमति तृप्ति सिंह, आशीष साहू, जय प्रकाश सूर्यवंशी सहित वीएसडब्ल्यू, एमएसडब्ल्यू छात्र छात्राएं उपस्थित रहें। कार्यक्रम में श्रीमती कामिनी कहार ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एम एस डब्ल्यू वी एस डब्ल्यू छात्र छात्राएं द्वारा भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।