सिविल डिफेंस वालेंटियर्स का सात दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण शुरू
छिंदवाड़ा
09-Jul-26
आपदा प्रबंधन की दी जा रही व्यावहारिक जानकारी

छिंदवाड़ा
प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी राहत कार्यों के लिए सिविल डिफेंस वालेंटियर्स का सात दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण स्थानीय होमगार्ड परिसर में प्रारंभ हो गया है। जिला होमगार्ड कमांडेंट स्नेहलता पाठ्या के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण के द्वितीय बैच में स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर जिला होमगार्ड कमांडेंट स्नेहलता पाठ्या ने बताया कि जिले के सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को प्राकृतिक एवं मानव आधारित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में वे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
रिसोर्स पर्सन श्यामल राव ने कहा कि शासन आपदा प्रबंधन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, लेकिन किसी भी आपदा की स्थिति में सबसे पहले स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवक ही मौके पर पहुंचते हैं। इसलिए समाज में अधिक से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान रिसोर्स पर्सन गणेश धुर्वे ने सिविल डिफेंस के 12 प्रमुख कार्यों, प्राधिकरण के गठन, आकाशीय बिजली, बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही जहरीले सर्पों की पहचान एवं प्राथमिक उपचार, विभिन्न प्रकार की आग पर नियंत्रण के लिए एबीसी अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, घरेलू, अपार्टमेंट तथा पेट्रोल से लगी आग बुझाने की तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
इसके अलावा वालेंटियर्स को अग्निशमन यंत्रों के सुरक्षित उपयोग, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय तथा स्थानीय संसाधनों से तैयार किए गए अस्थायी राफ्ट के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने बचाव उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक अभ्यास भी किया।