बेटियो को शिक्षा से जोड़कर सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया सावित्रीबाई फुले ने
छिंदवाड़ा
03-Jan-26
थावरी टेका गांव में सावित्रीबाई फुले की जंयती पर किया आयोजन
छिंदवाड़ा
सावित्रीबाई फुले ने अपने जीवन को शिक्षा, समानता और समाजिक सुधार के लिए समर्पित कर दिया। वे आज भी महिलाओं और समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। ग्राम टेका थावरी में सावित्रीबाई फुले की जयंती पर जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी श्यामल राव ने बताया की सावीत्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका मानी जाती हैं। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा के लिए स्कूल की शुरुआत की जबकी उस समय लड़कियों की शिक्षा का समाज में विरोध किया जाता था। उनके द्वारा किए गए साहसपूर्वक कार्य के कारण देश में और समाज में बालिका शिक्षा की जाग्रति आई जो आज लड़कियों की शिक्षा को नई दिशा दे रही है। वही बाल विवाह जैसे मुद्वो को समाज मे उठाकर बाल विवाह को रोकने व महिलाओं को सशक्तिकरण के लिए कार्य किये गये।

शासन द्वारा संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा, शासकीय योजनाआ के बारे में जानकारी दी। पीएलवी रीता वर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्प्रभाव बताते हुये बाल विवाह रोकने शपथ दिलाई। आयोजन को सफल बनाने मे ग्राम के सुदेश चंद्रवंशी , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता माया कवरेती का सहयोग रहा।