Home News Helpline Classified Jobs About Contact

भागवत कथा में धूमधाम से रचा गया रुक्मिणी-विवाह

भागवत कथा में धूमधाम से रचा गया रुक्मिणी-विवाह
धर्म
01-Oct-26
छिंदवाड़ा अपडेट

स्थानीय श्रीराम मंदिर मानस भवन में श्राद्ध पर्व के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महामंडलेश्वर नागेंद्र ब्रह्मचारी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के कंस वध, उज्जैन शिक्षा-दीक्षा और रुक्मिणी विवाह सहित कई मनमोहक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा की शुरुआत करते हुए पूज्य महाराज श्री ने श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी कंस का वध करने और मथुरा आगमन के पावन प्रसंग सुनाए। इसके बाद उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि के आश्रम पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात सुदामा जी से हुई और दोनों के बीच अटूट मित्रता का अध्याय शुरू हुआ।

महाराज श्री ने आगे कहा कि अध्ययन के पश्चात जब श्याम सुंदर वापस मथुरा आए, तो उनका मन वहां नहीं लगा और वे पुनः वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने गोपियों संग अलौकिक श्महारासश् रचाया। तत्पश्चात द्वारिकाधीश के रूप में प्रभु के रुक्मिणी जी के साथ हुए विवाह का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनते ही पूरा मानस भवन श्जय श्रीकृष्णश् और श्द्वारिकाधीश की जयश् के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर दिखे। कार्यक्रम का समापन भव्य महाआरती एवं श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ।
Share News On

जीवन में ऐसी कोई चीज नहीं है जिससे डरा जाये जरूरत केवल उसे समझने की है.!