सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें अधिकारी: कलेक्टर
छिंदवाड़ा
09-Mar-26
कलेक्टर श्री नारायन ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा
छिन्दवाड़ा
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर व श्रीमती अंकिता त्रिपाठी व आयुक्त नगर निगम छिंदवाड़ा सी. पी.राय सहित जिला प्रशासन व सभी विभागों के जिला स्तरीय और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल थे।
बैठक में समय सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ ही सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, जनआकांक्षा, न्यायालयीन प्रकरणों तथा विभिन्न आयोगों के लंबित पत्रों की भी विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री नारायन ने सभी शिकायतों एवं पत्रों का समय सीमा के अंदर एवं शीघ्र गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न अंतर्विभागीय विषयों पर भी चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को बेहतर आपसी समन्वय में रहते हुए समय सीमा में कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री नारायन ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाए। अधिकारी नियमित रूप से जिला कंट्रोल रूम पहुंचें और शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित कराएं। एक भी शिकायत नॉट अटैंडेड नहीं रहनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने श्रम विभाग को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एनएचएआई, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और यातायात पुलिस को हर्रई बायपास मार्ग पर पेट्रोलिंग करने और अनाधिकृत पार्किंग में खड़े बड़े वाहनों पर लगातार चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीजे के प्रयोग, जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और नरवाई प्रबंधन के लिए भी कलेक्टर ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
विलंब से एम्बुलेंस पहुंचने पर जताई कड़ी नाराज़गी
बीते दिन शहर से लगे रिंग रोड के पास हुई दुर्घटना के बाद कॉल करने के लगभग आधे घंटे से ज्यादा समय के बाद एम्बुलेंस के पहुंचने पर कलेक्टर श्री नारायन ने सीएमएचओ पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने शहरी क्षेत्र में उपलब्ध वाहनों की संख्या, 108 कॉल सेंटर में कॉल करने से लेकर एम्बुलेंस के पहुंचने तक के समय और मूवमेंट की विस्तृत जानकारी के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी 108 वाहन चालकों की बैठक लेकर इस संबंध में सेंसिटाइज करने, गोल्डन आवर के महत्व को समझाने और संबंधित को लापरवाही के लिए नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया है।