खाद के मुद्दे पर नकुलनाथ ने भाजपा सरकार को घेरा
छिंदवाड़ा
16-Jun-25
खाद के लिए सोसायटी में लग रही लंबी-लंबी लाईने
छिन्दवाड़ा
भाजपा के शासन काल में समाज का हर वर्ग परेशान व त्रस्त है। आमजन की परेशानियों का समाधान केवल आश्वासनों में हो रहा है। जमीनी स्तर पर अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे फिर भी निदान नहीं होना सरकारी तंत्र की सबसे बड़ी खामी है। सुशासन व सबसे विकास की बात करना झूठ के सिवाए और कुछ भी नहीं है। क्योंकि देश के वर्तमान, भविष्य व मातृशक्ति को लेकर सरकार गम्भीर नहीं है। आज किसान कतार में, युवा रोजगार की तलाश में और मातृशक्ति सुरक्षा के अभाव में है। यह बात पूर्व सांसद श्री नकुलनाथ ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ व्यक्त किए।
श्री नकुलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के प्रयासों से पहले छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र सहित सम्पूर्ण मप्र में सोयाबीन की क्रांति आई । फिर मक्के की खेती में छिन्दवाड़ा ने इतिहास रचा और कॉर्न सिटी बना तो वहीं पांढुर्ना जिला संतरांचल के नाम से ही जाना जाता है, इसके पीछे की सबसे महत्वपूर्ण वजह यह है कि किसानों को समय पर अच्छी खाद व उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध होते रहे। उनके व मेरे कार्यकाल में किसानों को कभी भी खाद के लिए भटकना नहीं पड़ा। सबसे पहले खाद की रैक छिन्दवाड़ा के लिए लगती थी और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद समय पूर्व उपलब्ध कराई जाती थीं। तब किसान आर्थिक रूप से सम्पन्न व खेती-किसानी लाभ का धंधा बना, किन्तु भाजपा की सरकार में जिस समय किसानों को अपने खेतों में रहना चाहिए, वे मजबूरीवश खाद के लिए जिले की सहकारी सोसाइटियों के सामने कतारबद्ध खड़े हैं, क्या भाजपा का यही किसान हितैषी चेहरा है ? अपनी उपज का सही दाम प्राप्त करने के लिए सड़क पर उतर आंदोलन करने के लिए बाध्य होते हैं, तब जाकर सरकार की नींद खुलती है।
श्री नाथ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यानाकार्षण कराते हुए कहा कि छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिले का प्रत्येक किसान विगत दो माह से खाद के लिए लगातार परेशान है। सुबह से शाम तक कतार में खड़े रहने के बाद भी किसान को खाद नहीं मिल रही और वह निराश होकर खाली हाथ लौट रहा है, इस ओर गम्भीरता पूर्वक व अविलम्ब ध्यान दिया जाएं ताकि सभी किसानों को बोवनी पूर्व पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाए।
देश का भविष्य रोजगार की तलाश में
पूर्व सांसद श्री नकुलनाथ ने आगे कहा कि युवा लगातार रोजगार की तलाश में भटक रहा और शासन स्तर पर निकलने वाली शासकीय भतियों में जारी घोटाले नया रिकॉर्ड बना रहे। परीक्षा की तैयारी में जुटे युवाओं का मनोबल टूट रहा, योग्य उम्मीदवार अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा के शासन काल में जितनी भी शासकीय भर्तियां हुई है वे सभी घोटालों की भेंट चढ़ गई। हाल ही में पुलिस भर्ती व वन विभाग में आरक्षक भर्ती घोटाले ने एक बार फिर मप्र को देश में शासकीय भर्ती घोटाला प्रदेश बना दिया। भर्ती घोटालों में रोक लगाने हेतु उचित व ठोस कदम उठाए जाएं।