बरगी डैम क्रूज हादसे पर नकुलनाथ ने भाजपा सरकार को घेरा
छिंदवाड़ा
03-May-26
भाजपा सरकार में लापरवाही से हो रहे हादसे अब स्थाई रूप ले चुके: नकुलनाथ
छिन्दवाड़ा
जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने बरगी डैम क्रूज हादसे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार और सरकारी सिस्टम की लापरवाही हादसों को जन्म दे रही है। इसके लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सरकार जिम्मेदार है। विगत कुछ माह में घटित हुई गम्भीर व जानलेवा दुर्घटनाओं पर नजर डालें तो साफ नजर आता है कि सरकारी लापरवाही के कारण ही बेकसूर लोगों की जानें गई है। हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज के डूबने से 13 लोगों की मौत को सामान्य हादसा नहीं कहा जा सकता, यह सीधे तौर पर सरकारी लापरवाही है और सबसे बड़ी लापरवाह सरकार है जिसने अभी तक यह तय नहीं किया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है? सरकार तो है ही, इसके अलावा मौसम की स्थिति को जानते हुए भी क्रूज को डैम में जाने की अनुमति दी।
भाजपा सरकार में हादसे और मौतें बढ़ी
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कहा कि झूठी घोषणाओं और वादों में डूबी हुई सरकार में जनता की जिदंगी मौत में डूब रही। सीएम की सभा में भीड़ बढ़ाने के लिए दबाव बनाकर जनता को आयोजन स्थल तक लाना और फिर उसी बस का भीषण दुर्घटनाग्रस्त होने से 10 जिंदगियां छीन ली गई। इसके पहले जहरीले कफ सिरफ से 10 मासूम बच्चों की मौत को जनता भुला नहीं पाई है और जबलपुर के हादसे ने देश को झकझोर दिया है। धार जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की मौत लोगों के दिलो दीमाग पर असर छोड़ चुकी है। सत्ता की मद में चूर इस सरकार में से मेरा सीधा प्रश्न है कि उसका सिस्टम क्या इतना खोखला और निर्दयी हो चुका है कि लोगों की जानें जा रही है और उन्हें कोई होश नहीं है?
ऑरेंज अलर्ट के बाद भी किसकी अनुमति से चली क्रूज
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, तब क्रूज़ संचालन की अनुमति किसने और क्यों दी ? जब एनजीटी और सर्वाेच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि डीजल से चलने वाले क्रूज़ नदी एवं डैम में संचालित नहीं किए जाएं, तो फिर नियमों की खुली अनदेखी आखिर किसके संरक्षण में हो रही थी? और इसकी जवाबदेही किसी की है ? यह भी तय होना चाहिए साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि एनजीटी व सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन हो। उन्होंने पूछा कि बिना लाइफ जैकेट के यात्रियों को क्रूज़ पर चढ़ने कैसे दिया गया? और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस विभाग की थी? क्या जबलपुर प्रशासन विभागीय मंत्री अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं?सरकार में कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों और मजदूरों तक सीमित ना रहें, लापरवाही में जिम्मेदार सभी पर स्पष्ट व ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।