छिंदवाड़ा में परंपरागत श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाया गया मोहर्रम पर्व
छिंदवाड़ा
06-Jul-25
कर्बला चौक पर हुआ ताजियों का मिलन, बड़ा तालाब में किए जाएंगे ठंडे; प्रशासन रहा सतर्क
छिंदवाड़ा
मोहर्रम का पर्व छिंदवाड़ा में परंपरागत धार्मिक श्रद्धा, समर्पण और आपसी सौहार्द के माहौल में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। रविवार रात को ताजिया जुलूस शहर के प्रमुख इमामबाड़ा से आरंभ होकर विभिन्न मार्गों से होता हुआ चूना गली, छोटी बाजार होते हुए कर्बला चौक पहुंचा।
कर्बला चौक पर शहर और आसपास के क्षेत्रों से लाए गए ताजियों का पारंपरिक मिलन हुआ। हजारों श्रद्धालु इस मौके पर उपस्थित रहे और पूरी आस्था के साथ जुलूस में शामिल हुए। ताजियों को कर्बला चौक पर विधिवत रूप से स्थापित कर पूजन किया गया। इसके पश्चात सभी ताजिए सम्मानपूर्वक अपने-अपने चौकों पर वापस लाए गए।
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक भावना के साथ-साथ भाईचारे और सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवंत करता है, बल्कि समाज में एकता का संदेश भी देता है।

कानून व्यवस्था रही दुरुस्त, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
मोहर्रम के जुलूस को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय स्वयं फील्ड में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिसने जुलूस मार्ग पर लगातार निगरानी रखी।
समाज और नागरिकों ने निभाई जिम्मेदारी
इस आयोजन में केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों और समाजिक संगठनों का भी भरपूर सहयोग देखने को मिला। सभी ने मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार ने कहा, “प्रशासनिक टीम, समाज के प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों के सहयोग से मोहर्रम का यह पर्व शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ। हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं।”
इस बार भी छिंदवाड़ा में मोहर्रम की परंपरा, आस्था और भाईचारे की भावना के साथ मनाया गया, जिसने एक बार फिर शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत कर दिया।
छिंदवाड़ा
मोहर्रम का पर्व छिंदवाड़ा में परंपरागत धार्मिक श्रद्धा, समर्पण और आपसी सौहार्द के माहौल में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। रविवार रात को ताजिया जुलूस शहर के प्रमुख इमामबाड़ा से आरंभ होकर विभिन्न मार्गों से होता हुआ चूना गली, छोटी बाजार होते हुए कर्बला चौक पहुंचा।
कर्बला चौक पर शहर और आसपास के क्षेत्रों से लाए गए ताजियों का पारंपरिक मिलन हुआ। हजारों श्रद्धालु इस मौके पर उपस्थित रहे और पूरी आस्था के साथ जुलूस में शामिल हुए। ताजियों को कर्बला चौक पर विधिवत रूप से स्थापित कर पूजन किया गया। इसके पश्चात सभी ताजिए सम्मानपूर्वक अपने-अपने चौकों पर वापस लाए गए।
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक भावना के साथ-साथ भाईचारे और सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवंत करता है, बल्कि समाज में एकता का संदेश भी देता है।

कानून व्यवस्था रही दुरुस्त, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
मोहर्रम के जुलूस को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय स्वयं फील्ड में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिसने जुलूस मार्ग पर लगातार निगरानी रखी।
समाज और नागरिकों ने निभाई जिम्मेदारी
इस आयोजन में केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों और समाजिक संगठनों का भी भरपूर सहयोग देखने को मिला। सभी ने मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार ने कहा, “प्रशासनिक टीम, समाज के प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों के सहयोग से मोहर्रम का यह पर्व शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ। हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं।”
इस बार भी छिंदवाड़ा में मोहर्रम की परंपरा, आस्था और भाईचारे की भावना के साथ मनाया गया, जिसने एक बार फिर शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत कर दिया।