राजनीतिक दुर्भावना का निशाना बनी विधायक की बिल्डिंग : कांग्रेस
छिंदवाड़ा
10-Sep-25
जिला कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस सहित पूरा कांग्रेस परिवार लड़ेगा लड़ाई
छिन्दवाड़ा
जन-जन के वोट से चुनकर आया हुआ जनप्रतिनिधि कहलाता है और प्रशासनिक अमले के द्वारा बनाया गया सांसद प्रशासनिक होता है। जब प्रशासनिक अधिकारी भाजपा से प्रेरित होकर कार्य करता है तो वह भाजपा का कार्यकर्ता कहलाता है, जैसे छिन्दवाड़ा कलेक्टर और सांसद। दोनों की जुगलबंदी आदिवासियों की जमीनों को हड़प रहे हैं। उक्त उदगार राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने व्यक्त किए।
आयोजित वार्ता को सम्बोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि विभिन्न विभागों में केन्द्रमंत्री और फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ के कार्यकाल में ऐसा कभी नहीं हुआ। किन्तु कलेक्टर और सांसद मिलकर राजनैतिक द्वेष की जो कार्रवाई कर रहे हैं वह निंदनीय तो है ही साथ ही उनकी ओछी मानष्किता को भी दर्शाता है। आदिवासी विधायक की खून पसीने की मेहनत से खड़ी की गई बिल्डिंग को तोड़ने की कार्रवाई दुर्भावना से भरी है।
अनैतिक, अन्यायपूर्ण व राजनैतिक द्वेष से प्रेरित होकर कार्रवाई की जा रही है - सुनील उईके
आयोजित वार्ता को सम्बोधित करते हुए जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके ने कहा कि परासिया स्थित उनकी बिल्डिंग पर अनैतिक, अन्यायपूर्ण व राजनैतिक द्वेष से प्रेरित होकर कार्रवाई की जा रही है। जिस बिल्डिंग को प्रशासन अतिक्रमण बताकर तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है, उसकी सभी अनुमति नियमानुसार व वैध तरीके से ली गई हैं साथ ही सभी अनुमति पूर्ण है, बिल्डिंग के जिस हिस्से को अतिक्रमण बताया जा रहा, वह केवल नाला प्रोटेक्शन की दीवार है। यह कार्रवाई केवल इसलिए की जा रही है, क्योंकि हाल ही में किसान आंदोलन में सांसद और जिला कलेक्टर की कार्यशैली, आदिवासियों की जमीन खरीद फरोख्त के खिलाफ आवाज उठाई थी। आंदोलन में आदिवासियों की जमीनों की बंदरबांट के आरोप लगाए थे, जो तथ्यात्मक और पूर्णतरू सही हैं। आदिवासियों की आवाज़ उठाने के कारण मुझ पर यह कार्रवाई की जा रही है, तो मैं इसका स्वागत करता हूं। मैं यह कहना चाहता हूं कि प्रशासन चाहे तो दीवार ही नहीं, पूरी बिल्डिंग तोड़ दे, फिर भी मैं आदिवासियों पर जारी अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा।
भाजपा नेताओं के अतिक्रमण की सौंपेंगे सूची
विधायक श्री उइके ने आगे कहा कि आने वाले समय में भाजपा नेताओं द्वारा कब्जाई गई शासकीय जमीनों व अवैध निर्माणों की सूची मय साक्ष्य प्रशासन को सौपेंगे। शासन-प्रशासन पूरी सख्ती के साथ ठीक वैसी ही कार्रवाई करें जैसे वर्तमान में की जा रही है। इसके बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कमलनाथ एवं नकुलनाथ के नेतृत्व में उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। कलेक्टर एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि भाजपा का कार्यकर्ता बनकर काम कर रहा है। यह भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल होता है, उनकी भाषा बोलता है और सांसद के ज़मीन कारोबार को संरक्षण दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष भी इसकी कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं।
मैं सिंधिया या फिर राजा नहीं हूं
खुले तौर पर स्पष्ट शब्दों में श्री सुनील उइके ने कहा कि कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री माननीय कमलनाथ जी व पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी के सच्चे सिपाही हैं। किसी भी दबाव में आने वाले नहीं है, यदि प्रशासन और भाजपा यह सोचती हैं कि ऐसी कार्रवाइयों से सुनील उइके डर जाएगा तो यह उनका भ्रम है। मैं न सिंधिया हूं और न कमलेश शाह। मैं पहले भी आदिवासियों की आवाज के लिए खड़ा था, लड़ा था, आज भी खड़ा हूं, लड़ रहा हूं और आखिरी सांस तक भाजपा के अन्याय के खिलाफ लड़ता रहूंगा।
कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी: तिवारी
आयोजित वार्ता को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री गंगाप्रसाद तिवारी ने कहा कि छिन्दवाड़ा में अनेक अवैध कॉलोनियां है, अनेक अवैध निर्माण है। उन पर इतनी तत्परता से कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। एक दीवार तोड़ने के लिए जो सक्रियता प्रशासन ने दिखाई है, उम्मीद है कि अन्य अतिक्रमण तोड़ने के लिए भी दिखाएंगे। अगर कांग्रेस की आवाज को दबाने के लिए ऐसी निम्न स्तरीय हरकत की गई है तो वे जान लें कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है।
आयोजित वार्ता में जुन्नारदेव विधानसभा प्रभारी गोविंद राय, अमरवाड़ा विधानसभा प्रभारी अजय मैद उपस्थित रहें। आभार प्रदर्शन गुंजन शुक्ला के द्वारा किया गया।