मध्यप्रदेश बना देश का पहला राज्य: हिंदी में मेडिकल परीक्षा देने पर मिलेगी आधी फीस की छूट
मध्यप्रदेश
04-Jul-25
मेधावी छात्रों को मिलेगा नकद पुरस्कार
भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार ने मातृभाषा हिंदी को चिकित्सा शिक्षा में बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब प्रदेश में जो विद्यार्थी एमबीबीएस और बीडीएस की परीक्षाएं हिंदी में देंगे, उन्हें परीक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस निर्णय को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि यह योजना विद्यार्थियों के लिए न सिर्फ प्रोत्साहन है, बल्कि उनकी योग्यता को सम्मान देने का प्रयास भी है।
मध्यप्रदेश सरकार ने मातृभाषा हिंदी को चिकित्सा शिक्षा में बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब प्रदेश में जो विद्यार्थी एमबीबीएस और बीडीएस की परीक्षाएं हिंदी में देंगे, उन्हें परीक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस निर्णय को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि यह योजना विद्यार्थियों के लिए न सिर्फ प्रोत्साहन है, बल्कि उनकी योग्यता को सम्मान देने का प्रयास भी है।
राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा को भाषाई बंधनों से मुक्त करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। प्रदेश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। अब हिंदी में परीक्षा देने वाले छात्रों को विशेष सुविधाएं प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वसमावेशी शिक्षा के दृष्टिकोण और गृह मंत्री अमित शाह के मातृभाषा को लेकर संकल्प से प्रेरित है।
देश में पहली बार एमबीबीएस हिंदी में
मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में शुरू की गई। वर्तमान में प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रथम से अंतिम वर्ष तक हिंदी माध्यम की किताबें उपलब्ध हैं, जिससे हजारों विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
देश में पहली बार एमबीबीएस हिंदी में
मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में शुरू की गई। वर्तमान में प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रथम से अंतिम वर्ष तक हिंदी माध्यम की किताबें उपलब्ध हैं, जिससे हजारों विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

मिलेगा सम्मान और नकद पुरस्कार
राज्य सरकार ने हिंदी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को न केवल आधी फीस में राहत दी है, बल्कि उन्हें नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा।
राज्य सरकार ने हिंदी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को न केवल आधी फीस में राहत दी है, बल्कि उन्हें नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा।
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पूरे एमबीबीएस या बीडीएस कोर्स में हिंदी माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 2 लाख रुपए,
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द्वितीय स्थान पर 1.5 लाख रुपए,
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तृतीय स्थान पर 1 लाख रुपए
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और चतुर्थ स्थान पर 50 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा।
इसी तरह हर वर्ष या हर प्रोफेशनल परीक्षा में हिंदी माध्यम में विश्वविद्यालय स्तर पर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को भी
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प्रथम स्थान पर 1 लाख रुपए,
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द्वितीय को 75 हजार,
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तृतीय को 50 हजार,
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और चतुर्थ को 25 हजार रुपए से पुरस्कृत किया जाएगा।
हिंदी माध्यम के लिए विशेष व्यवस्थाएं
मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर ने प्रदेश के सभी संबद्ध मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे हिंदी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को हरसंभव सुविधा दें। इच्छुक छात्रों की सूची विश्वविद्यालय को भेजी जाएगी।
कक्षाओं व प्रायोगिक सत्रों में हिंदी माध्यम की व्यवस्था की जाएगी और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर हिंदी में पढ़ाने हेतु सक्षम बनाया जाएगा। छात्रों की आवश्यकता अनुसार समाधान कक्षाएं भी चलाई जाएंगी।
ग्रामीण और हिंदीभाषी छात्रों को मिलेगा लाभ
इस योजना से खासकर ग्रामीण, अर्ध-शहरी और हिंदीभाषी क्षेत्र के छात्रों को बड़ी राहत और प्रोत्साहन मिलेगा। यह न केवल उनकी पढ़ाई को आसान बनाएगा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास से भरकर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करेगा।
मध्यप्रदेश सरकार का यह निर्णय मातृभाषा हिंदी के सम्मान और चिकित्सा शिक्षा में समावेशी विकास की दिशा में एक साहसिक और सराहनीय कदम है, जो आने वाले वर्षों में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।