मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग ने छिंदवाड़ा में ली जिला स्तरीय बैठक
छिंदवाड़ा
12-Aug-26
अधिकारियों से सुझाव और फीडबैक लिए

छिन्दवाडा
मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन.मिश्रा, सदस्य श्री मुकेश शुक्ला और सदस्य सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह के साथ आज छिंदवाड़ा पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों की जिला स्तरीय बैठक ली। बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया था, जिसमें कलेक्टर हरेंद्र नारायन, पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, एसडीएम छिंदवाड़ा सुधीर जैन सहित जिले के विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और मुख्यालय के सभी तहसीलदार उपस्थित थे।
आयोग केवल प्रशासनिक इकाइयों के निर्धारण के लिए
आयोग के अध्यक्ष श्री मिश्रा ने आयोग गठन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्देश्य राज्य की प्रशासनिक इकाइयों जैसे संभाग, जिला, उपखंड, तहसील एवं जनपद/विकासखंड के परिसीमन अर्थात उनके सृजन एवं सीमाओं में परिवर्तन एवं युक्तियुक्तकरण करना है। यहां उल्लेखित परिसीमन शब्द का संबंध केवल प्रशासनिक इकाइयों से है। उन्होंने आयोग के कार्यक्षेत्र, लक्ष्य, टर्म्स ऑफ रेफरेंस और आयोग की कार्य पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई जनगणना के बाद संसदीय एवं विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन का कार्य अलग आयोग द्वारा किया जाता है। यह आयोग केवल प्रशासनिक इकाइयों के निर्धारण के लिए है। उन्होंने अधिकारियों से अभी तक की शासकीय सेवा के दौरान मिले अनुभव सुने, साथ ही और बेहतर जन केंद्रित व्यवस्था स्थापित करने के संबंध में आवश्यक सुझाव लिए।
कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति या जनप्रतिनिधि पोर्टल की प्रश्नावली के अनुरूप अपने प्रस्तावों को भर सकेंगे
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो प्रशासनिक इकाइयां काम कर रही हैं, उसके अधिकारियों के लिए आयोग द्वारा एक प्रश्नावली तैयार की गई है। प्रश्नावली के संबंध में आयोग द्वारा कलेक्टर और अधीनस्थों के साथ विचार विमर्श किया गया। उन्होंने प्रश्नावली के विभिन्न खंडों और उसे भरते समय ध्यान देने योग्य विषयों पर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट कराया और प्रश्नावली सावधानीपूर्वक भरने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों द्वारा प्रश्नावली भरने उपरांत कलेक्टर के माध्यम से इसके प्रेषण के बाद आयोग द्वारा समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली को वेब पोर्टल www.mpaurc.mp.gov.in के माध्यम से पब्लिक डोमेन में भी जारी किया गया है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति या जनप्रतिनिधि जो किसी भी प्रशासनिक इकाई के लिए युक्तियुक्तकरण, विलोपन अथवा नवीन सृजन चाहते हैं, तो वे पोर्टल की प्रश्नावली के अनुरूप अपने प्रस्तावों को भर सकेंगे, जिसकी समीक्षा आयोग द्वारा की जाएगी। कलेक्टर्स द्वारा प्राप्त प्रस्तावों एवं व्यक्ति, संस्था, समिति, जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित प्रस्तावों की जाँच के बाद आयोग अपनी स्पष्ट अनुशंसा देगा।
आयोग के सदस्य मुकेश शुक्ला ने शासकीय अधिकारियों द्वारा भरी जाने वाली प्रश्नावली के भाग 1 में शामिल भौगोलिक कारक, प्रशासनिक सुविधा, बुनियादी सुविधाएं, आर्थिक कारक, जनसांख्यिकी कारक, सांस्कृतिक और समाजिक कारक एवं जनसुविधा सहित अन्य कारकों पर प्रकाश डाला। साथ ही मत देते समय प्रस्तावित नवीन इकाइयों के संबंध में दी जाने वाली जानकारी के बारे में बताया। इसी तरह प्रश्नावली के अन्य भाग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री नारायन ने जिला स्तरीय बैठक के बाद जिले से की जाने वाली सभी कार्यवाहियां समय पर सुनिश्चित करने के लिए आश्वत किया।