कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों ने की दिए जाने वाले लोन की समीक्षा
छिंदवाड़ा
12-Aug-26
जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक

छिंदवाड़ा
जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न शासकीय प्रायोजित स्वरोजगार एवं आर्थिक कल्याण योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना की समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री नारायन एवं जनप्रतिनिधियों ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी त्रैमासिक बैठक से पूर्व जिले में वितरित किए गए बड़े ऋण प्रकरणों की विस्तृत जानकारी तैयार कर प्रस्तुत की जाए, ताकि बड़े निवेश, उद्यम स्थापना एवं रोजगार सृजन से जुड़े ऋणों की प्रगति का पृथक रूप से मूल्यांकन किया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जिले की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में कलेक्टर हरेंद्र नारायन, चौरई विधायक सुजीत सिंह चौधरी, जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके, शेषराव यादव, अजय सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बैंकर्स एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुद्रा ऋण, पीएम स्वनिधि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन हेतु किसान क्रेडिट कार्ड, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम एवं स्वरोजगार योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर श्री नारायन ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की स्वरोजगार एवं आर्थिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऋण प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक दस्तावेजों की मांग कर आवेदकों को परेशान न किया जाए तथा बैंक शाखाएं पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में यह भी कहा गया कि बैंकिंग सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के लिए 8,136.77 करोड़ रुपये का वार्षिक ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 30 जून 2026 की स्थिति में कुल 3,540.11 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 44 प्रतिशत है।
समीक्षा के दौरान फसल ऋण, कृषि मियादी ऋण, एमएसएमई, अन्य प्राथमिकता क्षेत्र एवं गैर-प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रगति का विस्तृत परीक्षण किया गया। एमएसएमई क्षेत्र में 51 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि कृषि क्षेत्र में 42 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति हुई है। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।