भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का किया सजीव चित्रण
छिंदवाड़ा
05-Jun-26
छिन्दवाड़ा
परमात्मा को निस्वार्थ प्रेम पसंद है। भक्ति में ऊपरी दिखावा नहीं अंतःकरण की पवित्रता की आवश्यकता है। ऊंच नीच छुआछुत मानवता के शत्रु हैं। श्री कृष्ण की बाल लीला एवं परमात्मा के स्वभाव का वर्णन किया। सर्व समर्थ शक्तिवान होते हुए भी साधारण मानव को आपस में प्रेम से रहना सिखाया। जीवन मे सरलता आ गई तो व्यक्ति स्वयं महान बन जाता है। यह बात महामंडलेश्वर नागेन्द्र ब्रम्हचारी जी ने भागवत कथा के पांचवें दिन कही। अनगढ़ हनुमान मंदिर चल रही भागवत कथा में शुक्रवार को सकरासुर, तृणावत, अघासुर, बकासुर वध की कथा सुनाई गई। इसके अलावा भगवान कृष्ण की बाल लीला जिसमें माखन चोरी और मटकी फोड़ का सजीव चित्रण बहुत ही आकर्षक रहा। कथा में बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।