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ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान का शुभारंभ

ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान का शुभारंभ
छिंदवाड़ा
13-Jan-26
स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में बने सहभागी: अखिलेश जैन

छिंदवाड़ा 

मप्र जन अभियान परिषद द्वारा संवाद योजनांतर्गत स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर मंगलबार को दोपहर 12 बजे जिला स्तरीय ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान शुभारंभ कार्यक्रम जनपद सभागार में किया गया। इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को अतिथियों द्वारा युवा गौरव सम्मान प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। परामर्श दाता श्रीमति लता नागले एवं श्रीमति कामिनी कहार द्वारा प्रेरणा गीत प्रस्तुत कर सभी में राष्ट्र प्रेम की अलख जगाई।

जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा व स्वागत उद्बोधन में बताया कि ग्रामोदय से अभ्युदय म.प्र. का उद्देश्य परिषद के नेटवर्क के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं व दो वर्षों की उपलब्धियों को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुँचाकर अंतिम पात्र हितग्राही तक लाभ सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत ग्राम स्तर पर ग्रामोत्सव, चौपाल, रैली व श्रमदान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वावलंबन, शिक्षा, सामाजिक समरसता एवं स्वस्थ-नशामुक्त समाज के लिए जनजागरण किया जाएगा तथा स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, आत्मनिर्भरता एवं समाज सेवा भाव को जागृत करना है।

आत्मनिर्भर भारत बनाने गांव को बनाना होगा स्वाबलंबन: प्रो.आई पी कुलपति 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलगुरू डॉ श्री इंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का अध्ययन कर देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। स्वामी विवेकानंद का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक है। युवाओं को चाहिए कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।

आदर्श ग्राम वही जहां विकास के साथ संस्कार भी पनपे: विक्रम अहाके महापौर

कार्यक्रम में अतिथि नगर निगम के महापौर विक्रम सिंह आहके ने कहा कि आदर्श ग्राम वही जहां विकास के साथ संस्कार भी पनपे। विवेकानंद का दर्शन सेवा को ही राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानता है। सेवा प्रकल्पों के माध्यम से जब जन-जन की चेतना जागृत होती है, तभी सच्चा सामाजिक परिवर्तन संभव होता है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ पी एन सनेसर ने कहा कि “स्वामी विवेकानंद का सपना था कि भारत का युवा चरित्रवान, आत्मविश्वासी और सेवा के लिए समर्पित हो। डॉ पवन नेमा ने कहा कि हमें स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शाे पर चलते हुए अपने सेवा भावी कार्यों को पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से करना चाहिए स्वामी विवेकानंद जी के सिद्धांत वाक्य मै नहीं हम की भावना से कार्य करते हुए सेवा कार्य करे।

सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को अतिथियों द्वारा युवा गौरव सम्मान प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।  कार्यक्रम का संचालन विनोद तिवारी ने और आभार प्रदर्शन संजय बामने ने किया। कार्यक्रम में संजीव भावरकर, श्रीमती ललिता कुशरे तामिया, भवानी कुमरे मोहखेड़, अनिल बोबडे सौसर, दिलीप आठनेर पांढुरना, सुश्री अफसा खान चौरई, दीपक गेडाम बिछुआ, सुश्री वंदना राकेशिया अमरवाड़ा, आशीष नेमा हर्रई, हरीश बेलवंशी, अंशु जायसवाल, धीरज सहित युवा समाजसेवी, सीएमसीएलडीपी के परामर्शदाता व छात्र-छात्राएँ, नवांकुर व प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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