जीरामजी श्रमिक संघ के छिंदवाड़ा में राम कडोपे और पांढुर्णा में अनिल उईके जिला अध्यक्ष बने
छिंदवाड़ा
13-Jan-26
छिंदवाड़ा
केंद्र राज्य सरकारों ने ग्रामीण गरीबों से रोजगार की गारंटी देने वाला मनरेगा कानून छीनने की तैयारी कर ली है। साल में 60 दिन मनरेगा के काम बंद रखने की व्यवस्था जमींदारों, बडे किसानों, ठेकेदारों, कंपनी मालिकों को सस्ते में मजदूर उपलब्ध कराने की गारंटी जी-राम-जी में दी गई है। जिससे स्पष्ट है कि भाजपा की सरकारें जमींदारों, पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है, मनरेगा में किए गए बदलाव इसका ताजा उदाहरण है।

प्रदेश के लोकप्रिय श्रमिक कर्मचारी नेता वासुदेव शर्मा ने यह बात ग्रामीण मजदूरों की बैठक में बोलते हुए कही। दीन दयाल पार्क में हुई बैठक में ग्रामीण मजदूरों को संगठित करने के लिए मनरेगा (जीरामजी) श्रमिक संघ का गठन कर राम कडोपे को छिंदवाड़ा, अनिल उईके को पाण्डुर्ना जिला अध्यक्ष बनाया गया और 15 दिन में जिला कार्यकारिणी एवं ब्लाक कमेटियों का गठन करने का फैसला लिया गया। बैठक में राजू कुडापे, संतोष उईके, कृष्णा मांजरीवार, रामप्रसाद उईके, राजेश यादव, कलीराम उईके, राधेश्याम डेहरिया, मनोज घोरसे, बंटी वर्मा, एन कुमार धुर्वे, कमलेश उईके, कैलाश भारती सहित प्रमुख मनरेगा, खेत मजदूर शामिल रहे।