1 साल 4 दिन बाद 90 लाख की धोखाधड़ी करने वाली लक्ष्मीदास गिरफ्तार
छिंदवाड़ा
22-Jul-25
महंत का उत्तराधिकारी बनकर रूपए हड़पे
छिंदवाड़ा
धन के लालच में आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाली रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मीदास आखिर कार पुलिस की पकड़ में आ ही गई। सोमवार देर शाम चौरई पुलिस ने उसे नर्मदापुरम जिले के चांदपुर गांव में गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां उसे दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मीदास पर 90 लाख रूपए के गबन का आरोप है जिसकी रिपोर्ट चौरई थाने में 16 जुलाई 2024 को दर्ज कराई गई थी।
धन के लालच में आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाली रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मीदास आखिर कार पुलिस की पकड़ में आ ही गई। सोमवार देर शाम चौरई पुलिस ने उसे नर्मदापुरम जिले के चांदपुर गांव में गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां उसे दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मीदास पर 90 लाख रूपए के गबन का आरोप है जिसकी रिपोर्ट चौरई थाने में 16 जुलाई 2024 को दर्ज कराई गई थी।

क्या है मामला?
छिंदवाड़ा जिले के प्रसिद्ध महंत कनक बिहारी दास महाराज की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद स्वयं को उनका उत्तराधिकारी बताने वाली रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मीदास पर 90 लाख रूपए हड़पने की एफआईआर नए महंत श्यामदास महाराज ने चौरई थाने में दर्ज कराई गई थी। नए महंत का दावा है कि कनकबिहारी दास ने अपने जिंदा रहते किसी को उत्तराधिकारी नहीं बनाया था। इसके बावजूदर साध्वी लक्ष्मीदास ने जालसाजी कर बैंक अकाउंट से रकम निकाल ली। रिपोर्ट की खबर लगने के बाद रीना रघुवंशी फरार हो गई थी। चौरई पुलिस उसे लगातार ढूंढ रही थी आखिरकार एक साल 4 दिन बाद पुलिस को सफलता मिल गई।
कौन है रीना उर्फ साध्वी लक्ष्मीदास
साध्वी लक्ष्मीदास उर्फ रीना रघुवंशी का परिवार विदिशा के खेजड़ातिला गांव का रहना वाला है। रीना तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। एक भाई हर्ष भी विदेश में है। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार रीना की शादी हुई थी और वह सिर्फ 5 महीने ही ससुराल में रही। रीना ने गांव में सरपंच का चुनाव भी लड़ा था। रीना ने 2010 में दीक्षा ली थी लेकिन 2020 में उसने अपना नाम बदलकर साध्वी लक्ष्मीदास कर लिया था।