देशभर में सुने और पसंद किए जा रहे कुंवर विश्वेश चंदेल के शिव भजन
छिंदवाड़ा
15-Jul-25
भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योर्तिलिंगों की आराधना है यह लोकप्रिय भजन
छिंदवाड़ा
अपनी मधुर आवाज से शिव भक्तों को लुभाने वाले श्री चंदेल का जन्म छिंदवाड़ा के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता स्व. श्री केशरी चंदेल अक्षत छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। मां सरस्वती की कृपा कुंवर विश्वेश चंदेल पर बचपन से ही रही। स्कूल से लेकर जिले के संगीत मंचों पर उन्होंने बालपन से ही अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत किए हैं। उनकी आवाज सुनकर तत्कालीन संगीतज्ञ अक्सर यही कहते थे कि एक दिन ये बच्चा संगीत की दुनिया में जरूर छिंदवाड़ा का नाम रोशन करेगा और उनकी भविष्यवाणी सच साबित हो रही है।
अपनी मधुर आवाज से शिव भक्तों को लुभाने वाले श्री चंदेल का जन्म छिंदवाड़ा के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता स्व. श्री केशरी चंदेल अक्षत छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। मां सरस्वती की कृपा कुंवर विश्वेश चंदेल पर बचपन से ही रही। स्कूल से लेकर जिले के संगीत मंचों पर उन्होंने बालपन से ही अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत किए हैं। उनकी आवाज सुनकर तत्कालीन संगीतज्ञ अक्सर यही कहते थे कि एक दिन ये बच्चा संगीत की दुनिया में जरूर छिंदवाड़ा का नाम रोशन करेगा और उनकी भविष्यवाणी सच साबित हो रही है।

श्री चंदेल ने छिंदवाड़ा अपडेट को बताया कि उनके इस गाने की रिकॉर्डिंग टी सीरिज कंपनी अंतर्गत देश के नामी लता मंगेशकर स्टूडियो में हुई है। मुंबई के सुप्रसिद्ध म्युजिक डायरेक्टर संजय राज गौरी नंदन ने भजन को संगीतबद्ध किया है। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व उत्तराखंड के सिद्ध तीर्थ कैंची धाम स्थित नीम करोली बाबा की प्रभु दयाल शर्मा द्वारा रचित विनय चालीसा के साथ ही पांच भजनों की श्रृंखला रिकॉड की गई है जिनमें भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योर्तिलिंगों की आराधना, खाटू श्याम जी, देवी लक्ष्मी और भगवान श्री कृष्ण के भजन शामिल है। गीतों को टी-सीरीज के चैनल पर भी सुना जा सकता है। भक्तिमय सुरों से सुसज्जित गीतों को संगीत प्रेमियों के द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। यू ट्यूब पर नीम करोली चालीसा सर्च कर आसानी से भक्तिगीतों को सुना जा सकता है। श्री चंदेल संगीत की दुनिया में पूरे विश्व में नाम रोशन करे छिंदवाड़ा अपडेट की तरफ से उन्हें बहुत सारी शुभकामनाएं।